महिलाओं की सुरक्षा का दम भरने वाली भाजपा सरकार की नीतियों पर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने सवाल खङे किए हैं। कहा कि नीति या कानून बनाने से महिलाओं की सुरक्षा नहीं होगी, बल्कि इन नियमों का लागू करवाना जरूरी है।
शनिवार को जिला नागरिक अस्पताल में नाबालिग गर्भवती लड़की का का हालचाल जानने पहुंची। उन्होंने सीडब्ल्यूसी टीम के साथ लड़की के स्वास्थ्य व खान-पान की सुविधा को जांचा व उसके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पहले से अब महिलाओं का ज्यादा खतरा है। इसके लिए शिक्षा व काम के लिए पहले से ज्यादा संख्या में महिलाओं का घर से बाहर निकलना है। दहिया ने कहा कि साथ काम करने वाली महिला को पुरूष सहयोगी मानेंगे तब जाकर महिला सुरक्षित होगी। सरकार को केवल नियम बनाने नहीं बल्कि सख्ती से लागू करने चाहिए। उन्होंने बताया कि पीडित बच्ची के खून में बढ़ोतरी हुई है और जल्द ही डिलीवरी होगी। आरोपी को जुवेनाइल जेल भेज दिया गया है। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। बच्चे को सरकार अडोप्ट करेगी। ऐसे मामलों पर रोक के लिए समाज में जागृति जरुरी है। साथ ही ऐसे घृणित कार्य करने वालों के खिलाफ सख्त सजा जरूरी है।
क्या है मामला
करीब नौ माह पहले शहर की एक 15 साल की नाबालिग लड़की को उनकी कॉलोनी में कोचिंग पर आने वाले लेघां गांव के लड़के ने दुष्कर्म किया। इसके बाद लड़की गर्भवती हो गई। जब लड़की के पेट में दर्द हुआ तो उसके परिजन उसे दवा दिलाने अस्पताल लेकर गए और इलाज के दौरान घटना सामने आई। आनन-फानन में आरोपित नाबालिग लड़के को गिरफ्तार किया गया और पीड़ित लड़की को उपचाराधीन किया।