कैरू माइनर व ढाणी माहू रजवाहे में सीमेंटेड पाइप लाइन डलवाने के समर्थन में सोमवार को सात गांवों के किसानों ने सिंचाई भवन के बाहर धरना शुरू कर दिया। इसमें ढाणी माहू, मनसरबास, जीतवानबास, संगरपुर, ढाणी श्यामियान, संडवा, ढाणी भलवाना, ढाणी बूड़ाना, लेघा भानान, लेघा हेतवान के लगभग 70 किसानों ने भाग लिया।
गौरतलब है कि इन दोनों रजवाहों में सीमेंटेड पाइप लाइन लगवाने के लिए टेल पर बसे गांवों के किसान पिछले काफी लंबे अरसे से संघर्ष कर रहे हैं। किसान क्रांति कुनबा के संयोजक सुशील वर्मा ने बताया कि इन दोनों रजवाहों में पाइप लाइन डालने की घोषणा मुख्यमंत्री ने सात नवंबर 2016 को तोशाम रैली के दौरान की थी लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों के ढुलमुल रवैया के कारण टेल पर बसे गांवों के हजारों किसान नहरी पानी से वंचित हैं और इन गांवों की लगभग एक लाख एकड़ भूमि बिना सिंचाई के रह जाती है।
धरने के दौरान सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता प्रदीप यादव, कार्यकारी अभियंता दिलीप कुमार, एसडीओ अंशुल व एसडीओ नरेंद्र ने किसानों को समझाने का प्रयास किया कि वह शीघ्र इन दोनों रजवाहों में पाइप डालने का कार्य शुरू करवा देंगे, लेकिन किसान इस बात पर अड़े रहे कि वह अपना धरना उसी सूरत में खत्म करेंगे जबकि विभाग इन दोनों कार्यों को शुरू कर दे। शाम करीब चार बजे धरने पर उपायुक्त का संदेश लेकर सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार दलाल पहुंचे और उन्होंने किसानों से कार्य आरंभ करवाने के लिए 20 दिन का समय मांगा जिसे किसानों ने आपस में विचार विमर्श करके मंजूर कर लिया और साथ ही सिंचाई विभाग को चेतावनी दी कि यदि 20 दिन में कार्य शुरू नहीं हुआ तो इन गांवों के सैकड़ों किसान डीसी निवास के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
धरने में मास्टर सुखदेव सिंह, सरपंच सनबीर, जितेंद्र सरपंच, रघुवीर सिंह रिटायर्ड इंस्पेक्टर, समुंदर सिंह, हरिओम, ओमप्रकाश मेहला, रायसिंह जीतवानबास, भारतीय किसान संघ के जोनल प्रभारी सोहनलाल, रविंद्र सिंह, राजेंद्र नंबरदार, अत्तर सिंह, विजय स्वामी, पृथ्वी सिंह, मदन सिंह, धर्मेंद्र, हर्ष जांगड़ा, भरत सिंह, सरवन सिंह, रणवीर सिंह, सुरेश कुमार बंसल, सुरेंद्र शर्मा, भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव कामरेड ओमप्रकाश, राकेश लांबा, दान सिंह पूर्व मैनेजर, संपत सिंह फौजी, रामवीर सिंह, जीतू राजपाल सिंह, कुलदीप सिंह, विजय सिंह, सुरेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, सत्यपाल सिंह, कश्मीर सिंह, राकेश दुहन, भूपेंद्र चौधरी, सुनील रजलीवाल उपस्थित थे।