वार्ड 21 में 150 गलियां कच्ची है, नवंबर 2019 से सफाई कार्य बंद है, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था बदहाल है। इन जरूरी विकास कार्यों के लिए 15 बार सीएम विंडो पर और 28 बार अधिकारियों, सांसद, विधायक को शिकायत दी। इसके बावजूद भी समाधान नहीं हुआ तो शुक्रवार को वार्ड वासियों से बातचीत कर पार्षद ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उक्त बात वार्ड 21 के पार्षद हरिराम ने उपायुक्त को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कही।
समर्थकों के साथ लघु सचिवालय पहुंचे वार्ड 21 के पार्षद हरिराम ने बताया कि वे लगातार दूसरी बार इस वार्ड से पार्षद चुने गए हैं और एक दफा उनकी पत्नी कमला देवी पार्षद रही है। इस बार उनके वार्ड में सभी तरह के विकास कार्य ठप है। कार्यों की हालत बताने के लिए यह काफी है कि नवंबर 2019 से वार्ड में सफाई कार्य पूरी तरह ठप है। जिस कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे है। वार्ड की 150 गलियां कच्ची हैं, जिनके लिए हर बैठक में आवाज उठाई।
पार्षद ने कहा कि स्ट्रीट लाइटों के डायरेक्ट कनेक्शन है, जबकि नप की ओर से केबल नहीं बिछवाई जा रही। इस कारण लाइटें 24 घंटे जलती रहती है। इस कारण बार-बार खराब भी होती है। इस तरह की समस्याओं को लेकर 15 बार सीएम विंडो पर शिकायत दी, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके अलावा सांसद, विधायक, उपायुक्त, एसडीएम, सीटीएम, सचिव, डीएमसी, कार्यकारी अधिकारी को भी शिकायत दी। 28 बार शिकायतें अधिकारियों, विधायक, सांसद को दी, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे आहत होकर वार्ड वासियों से बातचीत की और उपायुक्त को इस्तीफा सौंप दिया है।
काम नहीं करवा पाया, माफी मांगता हूं
पार्षद हरिराम ने वार्ड वासियों से माफी मांगते हुए कहा कि मैंने प्रयास किया मगर काम नहीं करवा सका। इसके लिए मैं जनता से माफी मांगता हूं। जब अभी काम नहीं करवा पाया तो आगे कैसे करवा पाऊंगा। इसलिए दोबारा चुनाव लड़ने की भी अब इच्छा नहीं है।