दो माह पूर्व खामियों और मिलीभगत के कारण रद्द किए गए 53 गलियों के निर्माण टेंडर पर अब ई-पोर्टल की मार पड़ गई हे। दरअसल अब शहरी निकाय निदेशालय ने नया पोर्टल शुरू किया है। जिसके तहत नगर परिषद में अब एक्सईएन, एमई, जेई आदि को गली निर्माण संबंधित सारी जानकारी अस्टिमेट, डीपीआर आदि पेपर पर करने की बजाए इस पोर्टल पर करनी होगी।
इसके लिए सभी जेई, एमई, एक्सईएन की पोर्टल पर आईडी बनाई जाएगी। पोर्टल के फेर में अब शहर वासियों को गली निर्माण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।इतना ही नहीं शहरी निकाय निदेशालय में बजट की कमी भी समस्या बन गई है। बजट नहीं आने के कारण भिवानी नगर परिषद के अनेक प्रोजेक्ट पर ब्रेक लग गए है। इनमें शहर के छह जोहड़ों के जीर्णोद्धार के अलावा सीएम घोषणा के 15 करोड़ के कार्य भी है।
शहरी दायरे की अप्रूवड कॉलोनियों में फिलहाल 100 ऐसी गलियां है, जो खस्ताहाल है और उन्हें जल्द बनाने की जरूरत है। नगर परिषद की ओर से दो माह पूर्व शहर की 53 गलियों के निर्माण संबंधित टेंडर आमंत्रित किए गए थे। मगर अचानह ही इन्हें रद्द कर दिया। बताया गया कि इनमें गड़बड़ी थी, जिसके बाद नए सिरे से गलियों की पैमाइश कर दोबारा टेंडर आमंत्रित किए जाने की बात कही गई थी।
नप पदाधिकारी, अधिकारी दोबारा सारी जद्दोजेहद करते उससे पहले ही शहरी निकाय निदेशालय ने एक नया पोर्टल शुरू कर दिया। जिसके तहत गलियों के निर्माण से पहले की सारी कागजी कार्रवाई बंद कर गलियों की पैमाइश, अस्टिमेट, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट आदि सभी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसके लिए सभी नप अधिकारियों की पोर्टल पर आईडी बनाई जाएगी। यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है मगर शहर वासियों को कम से कम एक महीने तक और इंतजार करना पड़ सकता है।
मिलीभगत की संभावनाएं होंगी खत्म
पोर्टल पर सारी जानकारी दिए जाने के कारण ठेकेदारों, पार्षदों, अधिकारियों की मिलीभगत पर ब्रेक लगने की संभावना है। साथ ही निर्माण कार्य में प्रयोग होने वाले मैटीरियल के लिए भी फिर ठेकेदार स्वयं जिम्मेवार होगा। साथ ही कार्य में पारदर्शिता भी आएगी।
बजट ने रोके सब काम, अधूरे जोहड़, नहीं आए सीएम घोषणा के 15 करोड़
शहरी निकाय निदेशालय से बजट नहीं आने के कारण नगर परिषद के प्रोजेक्टस पर भी ब्रेक लग गए है। 10 करोड़ से शहर के छह जोहड़ों के सुंदरीकरण का काम तो शुरू हुआ मगर बजट नहीं आने के कारण सिरे नहीं चढ़ पाया। अब अधूरा काम रुका हुआ है और बजट आने के बाद ही दोबारा काम शुरू होगा। इसके अलावा शहर की कच्ची व खस्ताहाल गलियों के निर्माण के लिए सीएम ने दो दफा घोषणा की। एक बार पांच करोड़ की और दूसरी दफा 10 करोड़ की। अब तक इन दोनों ही घोषणाओं का पैसा नहीं आया है। पैसा नहीं आने के कारण शहर के विकास कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हुए है।
अब गलियों के निर्माण संबंधित सारी जानकारी पोर्टल पर देनी होगी। इससे कागजी कार्रवाई खत्म हो जाएगी। पोर्टल पर ही अस्टिमेट, डीपीआर आदि जानकारी देनी होगी। इससे कार्य में पारदर्शिता आएगी। जल्द ही इस पोर्टल के तहत कार्य शुरू हो जाएगा। जोहड़ों के अधूरे कार्य को पूरा कराने के लिए फाइल भेज रखी है। जल्द ही बजट आने की उम्मीद है।
- संजय यादव, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद