भिवानी में चुनावी नतीजे के 24 घंटे भीतर ही नगर परिषद चेयरमैन पद के लिए सियासत तेज हो गई है। इस काम के लिए भाजपा के संगठन के साथ-साथ सरकार भी सक्रिय नजर आई। स्थानीय विधायक व पूर्व मंत्री घनश्याम सर्राफ मंगलवार को चंडीगढ़ में सीएम से मुलाकात करेंगे। जिला प्रधान ने भी हाईकमान से दिशा-निर्देश मांगे हैं। बहुमत के आंकड़े से फिलहाल काफी दूर नजर आ रही कांग्रेस व इनेलो के कद्दावर पार्षद व चेयरमैनी के दावेदारों ने पासे फेंकने आरंभ कर दिए हैं।
भाजपा खेमे की ओर से चेयरमैन पद के लिए इस समय दो से लेकर तीन नाम चर्चा में हैं। भाजपा और संघ से जुड़े वार्ड नंबर दो से पार्षद बने मुकेश रहेजा का नाम सबसे आगे है। चेयरमैनी में निवर्तमान प्रधान भवानी प्रताप की रुचि तो है। लेकिन, भवानी खुद पार्षद होते तो बात कुछ और होती। वार्ड आरक्षित होने की वजह से वे चुनाव नहीं लड़े और उनकी चचेरी बहन मुनिया तंवर पार्षद बनी हैं। भवानी अपनी बहन के लिए लाबिंग कर रहे हैं। अगले कुछ दिन में और नए चेहरों की दावेदारी भी सामने आने की उम्मीद है।
पूर्व प्रधान सेवा देवी ढिल्लो को हराने वाले वार्ड नंबर चार से रण सिंह ने भी अपनी दावेदारी पेश की है। रण सिंह का कहना है कि सात पार्षद उनके साथ हैं। इनमें दो तो उनके परिवार से पार्षद हैं। उधर, मुकेश रहेजा का कहना है कि पार्टी उनका नाम प्रपोज करती है तो ठीक है। वे जिम्मेदारी संभालने को तैयार हैं, लेकिन वे चेयरमैनी के जोड़तोड़ की राजनीति कतई नहीं करेंगे।
सरकार-संगठन सक्रिय
इस बीच, नगर परिषद चेयरमैन के ताज के लिए उपयुक्त तलाश के लिए भाजपा के स्थानीय विधायक घनश्यास सर्राफ व जिला अध्यक्ष नंदराम धानिया सक्रिय हो गए हैं। सर्राफ ने कहा कि चेयरमैन वही बनेगा, जो नाम पार्टी तय करेगी। वे मंगलवार सीएम से मुलाकात करेंगे। जिला अध्यक्ष का कहना है कि चेयरमैन पद के लिए प्रदेश के पदाधिकारियों से बात करेंगे। एक-दो दिन बार वे सीएम से मिलेंगे। इधर, लगभग 10 नवनिर्वाचित पार्षद भाजपा कार्यालय पहुंचे और जिला अध्यक्ष से मुलाकात की।
कांग्रेस व इनेलो के दावेदार भी तैयार
कांग्रेस के करीबी पांच पार्षद बने हैं और दो की संख्या इनेलो समर्थकों की है। लेकिन, इसके बावजूद चेयरमैनी के लिए दोनों दलों के दावेदार हैं। मौका मिला तो चेयरमैन पद के लिए कांग्रेसी व पूर्व चेयरमैन मामन चंद और इनेलो नेता पूर्व अध्यक्ष विजय पचगांवा सियासी दांव पेच आजमाने से पीछे नहीं हटेंगे। मामन का कहना है कि वे अपना दावा मजबूती के साथ रखेंगे, लेकिन पत्ते बाद में खोलेंगे। पचगांवा का मानना है कि भाईचारे का चुनाव था। सभी 31 पार्षद एक साथ बैठेंगे और जिस नाम पर सहमति बनेगी, वही फाइनल होगा। यदि उनके नाम पर सहमति बनी तो वे तैयार हैं।
भाजपा के दावों को झटका, एक पार्षद ने किया खंडन
चुनावी नतीजे के बाद भाजपा ने 18 पार्षदों के नाम की लिस्ट मीडिया को जारी की गई, जिन्हें पार्टी ने भाजपा समर्थित बताया था। इस लिस्ट शामिल किए दो पार्षदों ने अमर उजाला से बातचीत में अपने को आजाद उम्मीदवार बताया था। सोमवार को वार्ड नंबर 13 से पार्षद मास्टर प्रवीण ने कहा कि मेरे को भाजपा उम्मीदवार बताया है, मैं इसका खंडन करता हूं। प्रवीण ने बताया कि उनका किसी दल से कोई वास्ता नहीं है, उन्होंने आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा। प्रवीण के इस बयान के आने के बाद भाजपा की लिस्ट में अब 15 नाम रह गए हैं।
उधर, जिला भाजपा के उपाध्यक्ष शंकर धूपड़ ने दावा किया है कि वर्तमान में भाजपा को 24 पार्षदों का बहुतमत प्राप्त है। इतना ही नहीं कई दूसरे पार्षद भी भाजपा नेताओं के सम्पर्क में बने हुए हैं।