भिवानी में नोटबंदी के बाद हुई पहली चुनावी परीक्षा में भाजपा अच्छे अंकों से पास हो गई है। 31 में से 16 भाजपा समर्थित प्रत्याशी पार्षद चुने गए। हालांकि, भाजपा का दावा कर रही है कि उसके समर्थन से 18 पार्षद चुने गए और चार ने समर्थन देने का आश्वासन दिया है। पांच कांग्रेस व दो इनेलो के करीबी ने जीत हासिल की। इसके अलावा तीन आजाद और पांच तटस्थ प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है।
रविवार देर शाम नगर परिषद के नतीजों की घोषणा के बाद भाजपाइयों की बांछे खिल गई। हालांकि, भाजपा समेत कोई भी दल अपने चिह्न पर चुनाव में नहीं उतरा। लेकिन, रिजल्ट आते ही भाजपा ने 18 नवनिर्वाचित पार्षदों की सूची जारी की है और इन्हें अपना समर्थित प्रत्याशी बताया। भाजपा की सूची में वार्ड नंबर 25 से नरेंद्र सर्राफ व 29 से विजय तंवर ने खुद को आजाद उम्मीदवार बताया है।
भाजपा की ओर से वार्ड नंबर दो से कानूनी प्रकोष्ठ के पूर्व जिला संयोजक मुकेश रहेजा, निवर्तमान चेयरमैन भवानी प्रताप की बहन मुनिया, महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष रेखा राघव, भाजपा नेता बिल्लू बादशाह ने जीत हासिल की। जबकि, वार्ड सात से भिवानी मंडल के महामंत्री सुधीर की पत्नी राजरानी चुनाव हार गईं। उन्हें निवर्तमान चेयरमैन की बहन से हार मिली।
वार्ड नंबर पांच, नौ, 14, 26 व 31 से कांग्रेस के नजदीकी जीते हैं, वहीं वार्ड एक से इनेलो नेता विजय पचगांवा व 18 से सचिन यादव जूसवाला (इनेलो पदाधिकारी मदन यादव जूसवाला के बेटे) ने जीता।
ये हैं आजाद और तटस्थ
वार्ड नंबर 19 से जीती किरण बाला, 22 से ज्योति कामरा, 25 से नरेंद्र सर्राफ, 28 से आकाश मस्ता व 29 से जीते विजय तंवर ने खुद को आजाद प्रत्याशी बताया है। जबकि वार्ड नंबर छह, 23 व 30 से विजयी पार्षदों की फिलहाल तटस्थ बताए जा रहे हैं।
ये है भाजपा की ओर से जारी सूची
वार्ड नंबर दो से मुकेश रहेजा, तीन से सुशीला पूनिया, चार से रणसिंह यादव, सात से निवर्तमान नप प्रधान भवानी प्रताप की बहन मुनिया तंवर, आठ से हर्षदीप, 10 से रेखा राघव, 11 से कविता यादव, 12 से पूजा यादव, 13 से प्रवीण, 15 से कविता, 16 से ललित सैनी, 17 से सुभाष तंवर, 20 सुशीला, 21 से हरिराम, 24 से बिल्लू बादशाह, 25 से नरेंद्र सर्राफ, 27 से आशा रानी चावला, 29 से विजय तंवर शामिल हैं।