भिवानी में जिम संचालक शशिकांत की खुदकुशी मामले में 11 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर परिजन व उनके समर्थन सड़क पर उतरे। शहर में कैंडल मार्च निकालकर रोष जताया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
देव नगर में सूर्या जिम संचालक शशिकांत ने 23 अगस्त को अपने घर में ही खुदकुशी कर ली थी। उसका शव पंखे से लटका मिला। जेब से मिले सुसाइड नोट में उसने सदर थाना प्रभारी व मुंढाल के एक अधिवक्ता सुधीर पर प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। परिजनों ने रोड जाम किया तो पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर वकील सुधीर, जताई वासी अनिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। अब 11 दिन बीत चुके है और मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से खफा परिजन, ग्रामीण व अन्य साथी शुक्रवार देर सायं सात नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। नेहरू पार्क में एकत्रित होने के बाद शहर में कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च नेहरू पार्क से घंटाघर चौक, सराय चौपटा, फूल मार्केट, हांसी गेट होते हुए वापस नेहरू पार्क पहुंचा। परिजनों ने रोष जताते हुए कहा कि पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की और उन्हें डर है कि उन्हीं पर झूठा मुकदमा दायर करने की तैयारी है। शशिकांत के भाई को भी झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है। सुसाइड में एसएचओ का नाम है। इसके बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। परिजनों, ग्रामीणों व समर्थकों ने तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।