चरखी दादरी के गांव समसपुर के पास हुए दर्दनाक हादसे में नशे में धुत कैंटर चालक लोगों पर काल बनकर टूटा। घटना में 24 लोग घायल हुए जबकि चार लोगों की सांसों की डोर टूट गई। कैंटर चालक ने जिस तेजी से एक के बाद एक कर चार वाहनों को अपनी चपेट में लिया कि इनमें सवार किसी को भी संभलने तक का मौका नहीं मिला। बस, कार या दोनों ट्रैक्टरों में सवार किसी भी शख्स को अपने बचाव में पलभर का समय तक नहीं मिला। बस से टकराने के बाद भी कैंटर चालक ने 500 मीटर दूर तक तबाही मचाई। घटना में किसी की डर से आंखें बंद हो गई तो कोई हादसा के बाद लहुलूहान अवस्था में अपनी सीट पर जस की तस अवस्था में बेसुध बैठा मिला। हादसे की बाद बस की सीटें व फर्श खून से लथपथ नजर आई तो वहीं दाहिने साइड की पिछली दस सीटों पर बैठे घायलों की हालत देखकर हर किसी का दिल पसीज गया।
खेत में काम कर रही कुछ ग्रामीण महिलाएं व पुरुष तो घायल व बेसुध लोगों की हालत को देखकर रो ही दिए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का एक पार्ट तो सड़क किनारे स्थित एक खेत के मध्य तक पहुंच गया। वहीं कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जबकि एक ट्रैक्टर के दो टुकड़े हो गए तो दूसरा ट्रैक्टर अपने पीछे जुड़ी ट्रॉली में जा धंसा। चावलों के कट्टों से लदे कैंटर के कैबिन में लोगों को खुली शराब की बोतल भी बरामद हुई, जिसे लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर खुद कृषिमंत्री को भी इसकी जानकारी दी। इस बात का जिक्र कृषिमंत्री ने सिविल अस्पताल पहुंचने के बाद मीडिया के सामने भी किया।
तेजी से आता दिखा कैंटर बस रोक कर बंद कर ली चालक ने आंखें
बस चालक गांव घसौला निवासी सुनील ने बताया कि समसपुर मोड़ पार करते ही उसे तेज रफ्तार में सामने से आता कैंटर दिखाई दिया। कैंटर चालक गलत साइड में चल रहा था तो उसने सड़क किनारे पहले ही बस रोक ली। इसके बाद जब कैंटर बिल्कुल बस के पास पहुंच गया तो मौत सामने देखकर उसकी आंखें ही बंद हो गई। सुनील ने बताया कि आगे बैठी सवारियां भी कैंटर चालक की इस हरकत से सन्न रह गई। वहीं, बस परिचालक लाधान पाना निवासी प्रवीण ने बताया कि वो तो बस में टिकट काट रहा था। सामने की तरफ उसका ध्यान ही नहीं था। कैंटर के बस को टक्कर मारने के बाद वह सीट पर गिर गया। उठने के बाद जब उसने बस के अंदर का जो मंजर देखा तो उसे शायद ही वो जीवन में भूला पाएगा।
मां-भाई को खोने वाली मासूम बच्ची हादसे से बेखबर
बस में सवार राजस्थान के चूड़ी चतरपुरा निवासी पूनम व उसके ढाई वर्षीय बेटे दीक्षांत की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हादसे में पूनम का भाई अर्जुन भी गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दौरान पूनम की पांच वर्षीय बेटी गरिमा हादसे से बेखबर थी और भूख लगने की बात अस्पताल परिसर में कह रही थी। इसी दौरान लोगों की नजर उस नन्ही बच्ची पर पड़ी और उसे खाने की चीजें दी। माता-पिता का नाम पूछने पर वह नहीं बता पाई। इसके बाद होश में आए उसके मामा अर्जुन ने होश में आने के बाद बच्ची पहचाना।
कार सवार जा रहे थे शादी समारोह में
कार चालक गोयला कलां निवासी सुनील ने बताया कि वो राजेश, जयभगवान व राजबीर सहित झोझूकलां एक शादी समारोह में शरीक होने जा रहे थे। जयभगवान, राजबीर व राजेश झज्जर के बादली के समीप के गांव में दुकान चलाते हैं। सुनील ने बताया कि तीनों की दुकानों के समीप एक ईंट-भट्ठे पर काम करने वाली की बहन की झोझूकलां शादी थी।