भिवानी। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जलभराव ग्रस्त गांवों में निकासी तुरंत प्रभाव से हो। उन्होंने सोमवार सांय जिला के जलभराव वाले गांव तालु, धनाना, जताई, मित्ताथल, बडेसरा, मुंढ़ाल कला, मुंढ़ाल खुर्द, बांडाहेड़ी, सुखपुरा आदि का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने मौके पर उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इन गांवों में खेतों में खड़े पानी को निकालने के लिए जितने भी पंपसेट लगाने पड़े, उन्हें लगाया जाए। जलभराव से किसानों की फसल को भारी नुकसान होने की पूरी संभावना बनी रहती है। प्रशासन के पास न तो पंपसेट की कमी है और न ही डीजल की कमी है। यदि आवश्यकता पड़े तो आस-पास के जिलों से भी पंपसेट मंगवाए जाए।
उन्होंने मौके पर उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव के कारण लोगों में डायरिया आदि बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है। इसलिए हर गांव में फॉगिंग करवाने के साथ-साथ लोगों को ओआरएस के पैकेट और अन्य जीवन-रक्षक दवाएं तुरंत प्रभाव से उपलब्ध करवाएं। इसके साथ-साथ एक मेडिकल टीम हर गांव में जाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच करें।
उन्होंने कहा कि जब तक पानी की निकासी नहीं होती है, तब तक एसडीएम कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए और सभी बेलदार केवल जल निकासी का ही कार्य करें। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से पांच अगस्त से पांच सितंबर तक पूरे प्रदेश में गिरदावरी करवाई जा रही है। किसानों की फसल खराबे का आकलन करवाया जाएगा। जिन गांवों में जलभराव के कारण फसलों का नुकसान हुआ है, वहां के किसान इस बाबत संबंधित बीडीपीओ, तहसीलदार व एसडीएम से मिलकर खराबे की जानकारी दें।
इस अवसर पर मौजूद ग्रामीणों ने उप मुख्यमंत्री चौटाला से अपने क्षेत्र की परेशानियों से अवगत करवाया, जिस पर उप मुख्यमंत्री ने शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर संबंधित विभागों के अधिकारियों सहित प्रदेश संगठन सचिव राजेंद्र लिताणी, शहरी निकाय प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर मान, हल्का अध्यक्ष जगदीश धनाना, राजबीर तालु, जितेंद्र शर्मा, प्रेम धनाना, दिलबाग तालु, अमित ओला, कपूर वाल्मिकी, बलवंत औरंगनगर, सेठी धनाना, यशवीर घणघस, सुनहरी देवी, दीपक सिवाड़ा, अजय कौशिक, संजय कारखल, बलराज चौहान, राजकुमार रतेरा, बिजेंद्र मुंढ़ाल, अंकित मुंढ़ाल, विजय मुंढ़ाल, सतपाल, राजेंद्र कस्वां, यशबीर घनघस, आजाद गिल, प्रेम चांग, प्रदीप कुंडू, शकुंतला परमार आदि मौजूद रहे।