तीन साल बाद फिर से गांव के युवा पंचायती खेलों में अपना दम दिखाएंगे। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों से ही पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता ली जा रही है। इस बारे में सभी बीडीपीओ को निर्देश जारी कर दिए गए है।
पंचायती खेल प्रतियोगिताएं पिछले तीन साल से बंद है। प्रदेश सरकार ने अब पंचायती खेल प्रतियोगिताएं कराने का निर्णय लिया है। निर्णय के तहत सभी डीडीपीओ को पत्र लिखकर पंचायती खेलों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है। निर्देश में पहले ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताएं कराने की व्यवस्था करने, प्रतियोगिताओं के लिए प्रत्येक पंचायत से कम से कम पांच-पांच हजार रुपये एकत्रित करने के निर्देश दिए जा रहे है। ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता पर 75 हजार रुपये तक खर्च किए जा सकते है जबकि जिलास्तरीय प्रतियोगिता पर डेढ़ लाख तक खर्च करने का प्रावधान रखा गया है।
सरकार दे बजट, पंचायतों को तो अभी तक मिला ही नहीं कुछ
प्रत्येक पंचायत से कम से कम पांच हजार रुपये खेल प्रतियोगिताओं के लिए एकत्रित करने के निर्णय से कुछ सरपंच नाखुश है। नाम न छापने की शर्त पर सरपंचों ने बताया कि अभी ग्रांट तक कोई मिली नहीं, खर्चा-खर्चा बताया जा रहा है। अगर पंचायती खेल करवाने है तो सरकार अपने स्तर पर बजट की व्यवस्था करें। सरपंचों पर क्यों थौंपे जा रहे है।
ये रहेगा खेल स्पर्धाओं का शेड्यूल
03 से 12 अक्तूबर ब्लॉक स्तरीय खेल प्रतियोगिता
12 से 23 अक्तूबर जिलास्तरीय खेल प्रतियोगिता
25 अक्तूबर से राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता
पंचायती खेल प्रतियोगिताएं कराने के लिए सभी बीडीपीओ को पत्र लिखा गया है। पहले ब्लॉक और फिर जिलास्तरीय पर प्रतियोगिताएं होंगी। कुश्ती, कबड्डी एथलेटिक आदि सभी प्रमुख खेल होंगे। प्रतियोगिताओं के लिए प्रत्येक पंचायत से पांच-पांच हजार रुपये लिए जा रहे है। कोई पंचायत यदि एक्सट्रा देना चाहे तो उसका भी स्वागत है।
अश्वीर नैन, डीडीपीओ