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नप कार्यालय में पूर्व चेयरमैन के साथ पार्षदों ने ईओ के सामने काटा बवाल

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नगर परिषद कार्यालय स्थित एमर्इ के साथ बहस करते पूर्व चेयरमैन व पार्षद। - फोटो : Bhiwani
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लॉकडाउन में जिला प्रशासन और रेडक्रॉस शहरी पार्षदों के साथ मिलकर गरीबों तक खाना पहुंचाने के लिए मुहिम चला रहा है, लेकिन इस मुहिम की वार्ड पार्षदों के आरोपों ने पोल खोल दी है। पार्षदों का आरोप है कि लिस्ट में शामिल आधे लोगों को राशन मिला, वह भी खत्म होने को है। अब लोग उन पर आरोप लगा रहे है तो झगड़ा भी कर रहे है। सोमवार को नगर परिषद कार्यालय में पूर्व चेयरमैन भवानी प्रताप के साथ दर्जन भर से अधिक पार्षदों ने ईओ के समक्ष वार्डों के अंदर जरूरतमंदों के पास खाना व सूखा राशन नहीं पहुंचने के आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा। इसके बाद डीसी को भी शिकायत दी गई।
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नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन भवानी प्रताप ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और रेडक्रॉस के साथ मिलकर नगर परिषद अधिकारियों ने सभी पार्षदों से अपने अपने वार्डों के अंदर जरूरतमंदों को सूखा राशन और भोजन पहुंचाने के लिए सूची तैयार कराई थी। सभी पार्षदों ने अपने वार्ड के जरूरतमंदों के नामों की सूची तैयार कर अधिकारियों को सौंप दी थी। करीब दो सप्ताह पहले सौंपी गई सूची के बावजूद जरूरतमंदों तक कोई मदद और राशन नहीं पहुंचा। भवानी प्रताप के साथ नप अधिकारियों के समक्ष शिकायत लेकर पहुंचे पार्षद ललित सैनी, नरेंद्र तंवर, विजय तंवर, हरिराम, अशोक मास्टर ने बताया कि उनके वार्डों में जिन जरूरतमंदों के नाम अधिकारियों को सौंपे थे, उनके समक्ष राशन नहीं पहुंचा है। केवल कुछ लोगों तक ही थोड़ा बहुत सूखा राशन बांटा था, लेकिन अब तो वो भी खत्म हो चुका है। पार्षदों का आरोप है कि लॉकडाउन में जरूरतमंद परिवार अब उनके कपड़े फाड़ रहे हैं, क्योंकि उन पर उनके हक को डकारने के गंभीर आरोप लग रहे हैं, जबकि वे तो जरूरतमंदों की मदद के लिए हर समय तैयार खड़े हैं। पार्षदों ने बताया कि जिला प्रशासन और नगर परिषद ने पार्षदों से जरूरतमंदों की सूची मांगी थी तो उनकी जिम्मेवारी बनती है कि वे हर संभव मदद जरूरतमंदों तक पहुंचाए। लेकिन कोई भी जिम्मेवारी नहीं निभाई। नगर परिषद अधिकारियों से मिलने पहुंचे पार्षदों की इस दौरान तीखी नोंकझोंक भी हुई। पार्षदों ने नगर परिषद अधिकारियों के रवैये पर भी नाराजगी जताई।
ये बोले नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन
पार्षदों का नेतृत्व कर नप अधिकारियों से मिलने पहुंचे पूर्व चेयरमैन भवानी प्रताप ने बताया कि उन्होंने लिखित शिकायत ईओ को दी है। जिसमें सभी वार्डों में सूची में शामिल जरूरतमंदों को राशन वितरण कराए जाने और मास्क एवं सैनिटाइजर बंटवाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और नप अधिकारियों ने सभी वार्डों में मजदूरों की सूची तैयार कराई थी। इनमें से अधिकांश के पास कोई राहत व राशन नहीं पहुंचा है। उन्होंने नगर परिषद द्वारा सैनिटाइज जल्द खरीद किए जाने की भी मांग की है।
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अभी तक नगर परिषद ने गरीबों को सूखा राशन वितरण के लिए एक रुपये का भी बजट खर्च नहीं किया है। जिला प्रशासन और नगर परिषद द्वारा ही सूखा राशन जरूरतमंदों तक समाजसेवी संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। जो सूची पार्षदों ने सौंपी थी, वो जिला प्रशासन के समक्ष भेजी गई है। प्रशासन और रेडक्रॉस द्वारा ही इसका प्रबंध किया जाना है। सीधे तौर पर राशन वितरण के लिए नगर परिषद के पास ऐसा कोई भी बजट नहीं है।
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- राजेश महता, सचिव नगर परिषद भिवानी।
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