जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। धारा 351(3) भारतीय न्याय संहिता में दोषी को सात वर्ष का कठोर कारावास तथा 20 हजार रुपये की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
नाबालिग बालक के साथ कुकर्म के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट भिवानी के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरुचि अटरेजा सिंह की अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास एवं 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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मामले के अनुसार थाना सदर भिवानी के अंतर्गत रहने वाली एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि आरोपी ने उसके नाबालिग बेटे को प्रसाद देने के बहाने सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ कुकर्म किया था। शिकायत के आधार पर थाना सदर भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया था। मामले में कार्रवाई करते हुए थाना सदर भिवानी पुलिस ने तत्परता से आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
अभियोग के विचारण के दौरान पुलिस द्वारा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर आरोपी सुरेंद्र उर्फ गौरव निवासी मंढाना को दोषी पाया गया, जिसके बाद न्यायालय ने धारा 06 पॉक्सो एक्ट में दोषी सुरेंद्र उर्फ गौरव हाल निवासी कृष्णा कॉलोनी भिवानी को आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। धारा 351(3) भारतीय न्याय संहिता में दोषी को सात वर्ष का कठोर कारावास तथा 20 हजार रुपये की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।