ग्रामीण क्षेत्रों में नौकरी करने वाले एमडीएमएस चिकित्सकों को पोस्ट ग्रेजुएशन में कोई लाभ नहीं मिलने पर रोष जताया। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को चिकित्सकों ने विभिन्न मांगों के लिए ब्लैक बैज लगाकर काम किया। चिकित्सकों ने अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर नारेबाजी की और कहा कि स्नातकोत्तर में लाभ नहीं मिलने से तो उन्हें फ्रेश स्टूडेंट्स के समान हो जाएंगे। अनुभव कोई काम नहीं आएगा।
डिप्टी सिविल सर्जन व जिला प्रधान डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य के बदले चिकित्सकों को पीजी कोर्स करने पर लाभ मिलता था। एक साल की सर्विस के बदले 10 प्रतिशत, दो साल की सर्विस के बदले 20 प्रतिशत व तीन साल की सर्विस के बदले 30 प्रतिशत का लाभ मिलता था। लेकिन अब सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी नहीं किए जाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। हालांकि इस पर सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर रोक लगाई थी। उस समय सरकार को दोबारा नोटिफिकेशन भेजने के लिए कहा था लेकिन सरकार ने अब तक भी नहीं भेजी है। सरकार की इस लापरवाही का खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि आज प्रदेशभर में इस पर रोष जताया जा रहा है और सरकार से मांग है कि जल्द नोटिफिकेशन निकाली जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों को पीजी व सर्विस दोनों जगह लाभ मिल सके। इस मौके पर डा. अनंत बासोतिया, डा. जितेंद्र, डा. प्रवीण, डा. नवीन आदि मौजूद रहे।