भिवानी। बारिश में भीगे गेहूं को अभी पांच से सात घंटे भी नहीं हुए थे कि भिवानी मंडी में उसकी मजदूरों से भराई करानी शुरू कर दी गई। जो ढेरी शुक्रवार देर शाम व रात भर रुक-रुक कर हुई बारिश में भीगा हुआ था, उसी की शनिवार को सीधे सरकारी कट्टों में भराई शुरू करा दी गई। इस खेल को रोकने व टोकने वाला वहां कोई नहीं था। मंडी के अंदर गीले गेहूं की भराई का खेल जब कैमरे में कैद हुआ तो काम कर रहे मजदूर बीच में ही भराई छोड़कर भाग खड़े हुए। वहीं आढ़ती का कोई अता-पता नहीं लगा।
दरअसल, थोड़े से मुनाफे के फेर में यह खेल चल रहा था। मंडी में व्यवस्था का जिम्मा कृषि विपणन बोर्ड अधिकारियों के कंधों पर है, मगर अधिकारियों ने भी चुप्पी साध रखी है। यही हाल कई अन्य मंडियों में भी सुनने को मिला। ये गेहूं शनिवार दोपहर से पहले खरीद हुआ था।
भिवानी मंडी में 80 से अधिक आढ़तियों के पास खरीद का लाइसेंस जारी किया हुआ है। इन आढ़तियों ने सरकार से लाइसेंस लेते वक्त इस बात का भी लिखित भरोसा दिलाया था कि उनके पास किसान की फसल को मौसम से बचाव के उचित प्रबंध हैं। जिला प्रशासन भी खरीद शुरू होने से पहले आढ़तियों के पास तिरपाल व अन्य व्यवस्थाओं का दावा करते नहीं थक रहा था। मगर बेमौसम हुई पहली बारिश में ही व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। इतना ही नहीं मंडी में जब खुले में लगी गेहूं की ढेरियों का राज जाना तो पता चला कि कई आढ़तियों ने सीधे किसानों से संपर्क कर खरीद से पहले एडवांस में ही गेहूं मंडी में मंगवा लिया था। क्योंकि मंडी में जिन किसानों के पास फोन पर मैसेज आते हैं, सिर्फ उन्हीं को खरीद का गेट पास जारी हो रहा है। चूंकि अधिकांश किसान अपनी फसल निकाल चुके हैं इसलिए खेत से सीधे आढ़ती से संपर्क कर मंडी में फसल लेकर पहुंच गए। जब मैसेज आएगा तो उनके गेहूं की खरीद हो ही जाएगी। फिलहाल भिवानी मंडी में करीब डेढ़ लाख से पौने दो लाख कट्टे खरीद के बाद भी उठान के इंतजार में पड़े हैं। वहीं खुले गेहूं की बात करें तो करीब 55 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं खुले में ही पड़ा है। शुक्रवार को करीब 20 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी, मगर ये गेहूं शाम को ही बारिश की भेंट चढ़ गया। (संवाद)
मंडी में गेहूं की नहीं हो रही सफाई, कूड़े के साथ भर रहे
मंडी में खरीद से पहले गेहूं की मात्र दिखावा के लिए मजदूर सिर्फ झाड़ू लगा रहे हैं। जबकि उनकी मशीनों से सफाई नहीं कराई जा रही है। जब गेहूं की सरकारी खरीद हो जाती है तो मजदूर फिर अलग किए गए कूड़े को समेटकर कट्टों में भर रहे हैं। इसी तरह के कूड़े समेत भरे जा रहे कट्टों की फोटो खिंची तो मजदूर काम छोड़ भाग खड़े हुए।
अब तक हुई गेहूं की खरीद
एजेंसी खरीद उठान
खाद्य आपूर्ति विभाग 4761 मीट्रिक टन 18621 मीट्रिक टन
हैफेड 17659 मीट्रिक टन 8022 मीट्रिक टन
एफसीआई 5093 मीट्रिक टन 3024 मीट्रिक टन
एचडब्ल्यूसी 37084 मीट्रिक टन 11118 मीट्रिक टन
वर्जन:::
मंडी में पहुंची फसल को बारिश से बचाव के लिए तिरपाल की व्यवस्था के सख्त निर्देश दिए हुए हैं। मंडी में सीवर व्यवस्था खराब है। नए सीवर सिस्टम के लिए बजट की मांग मुख्यालय को भेजी हुई है। बजट आने के बाद मंडी से पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। फिलहाल मोटर पंप से मंडी में बारिश के पानी की निकासी की जा रही है, मगर इसमें थोड़ा वक्त लगता है। गीला गेहूं कट्टों में भरा है तो वो क्वालिटी जांच में रिजेक्ट होकर वापस आ जाएगा, जिसका खर्च आढ़ती पर पड़ेगा।
- ज्योति धनखड़, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव कृषि विपणन बोर्ड भिवानी।
वर्जन:::
मंडी में शेड के नीचे रखे गेहूं का उठान कराया जा रहा है। शनिवार और रविवार को खरीद बंद रखी गई है। खुले में रखा गेहूं अभी नहीं उठाया जाएगा। क्वालिटी जांच के बाद ही गेहूं का उठान होगा। एजेंसी सरकार के निर्धारित मापदंडों के हिसाब से ही गेहूं की खरीद कर रही है।
- अनिल कालरा नोडल अधिकारी व जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक भिवानी।
वर्जन:::
दो दिन खरीद बंद हैं, इसलिए शेड के नीचे रखे हुए गेहूं का ही उठान किया जा रहा है। खुले में रखा गेहूं अभी नहीं उठाया जा रहा है। शनिवार को भिवानी मंडी से करीब 30 हजार कट्टों का उठान हुआ है।
- कालू, ढुलाई ठेकेदार भिवानी मंडी।