गांव रतेरा के खेतों में हुआ जलभराव।
बवानीखेड़ा। गांव रतेरा में शुक्रवार रात भिवानी घग्गर ड्रेन के ओवरफ्लो होने से 150 एकड़ में फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। अचानक हुई इस तबाही ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण ड्रेन का स्तर लगातार बढ़ता गया और समय रहते मरम्मत न होने से यह टूट गई। खेतों में भारी मात्रा में पानी घुसने से धान, बाजरा, कपास और ग्वार जैसी फसलें पूरी तरह चौपट हो गईं।
ग्रामीण जगदीश, रामबीर, जोगेंद्र का कहना है कि पिछले कई दिनों से पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा था लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। ड्रेन टूटने से खेतों में पानी भर गया, जिससे सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसल नष्ट हो गई। पीड़ित किसानों का कहना है कि खेती में बढ़ती लागत और मौसम की मार ने पहले ही उनकी आर्थिक स्थिति को डांवाडोल कर दिया था, अब इस हादसे से वे पूरी तरह टूट गए हैं।
किसानों ने प्रशासन और सरकार से तुरंत नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सर्वे कर राहत राशि नहीं दी गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते ड्रेन की मरम्मत कर दी जाती तो आज यह स्थिति न बनती। अब किसान सरकार और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।