भिवानी। एक माह में तीसरी बार भिवानी-घग्गर ड्रेन के टूटने से किसानों के अरमान एक बार फिर पानी में बह गए हैं। बुधवार दोपहर सागवान गांव के पास ड्रेन का किनारा टूट गया जिससे आसपास के खेतों में जलभराव हो गया। इससे पहले रामुपुरा और दांग क्षेत्र में भी ड्रेन टूट चुकी है। लगातार जलभराव से 150 से 250 एकड़ भूमि में तीन फीट तक पानी जमा है जिससे किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
भिवानी से हिसार के गांव कंवारी तक फैली करीब 46 किलोमीटर लंबी यह ड्रेन जिले में बारिश और दूषित पानी की निकासी का मुख्य साधन है। ड्रेन की क्षमता 100 क्यूसेक है लेकिन वर्तमान में इस पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। निंगाना फीडर के चार में से दो पंप बंद पड़े हैं जबकि दो पंपों से 40 क्यूसेक पानी ड्रेन में छोड़ा जा रहा है। बुधवार को अचानक बिजली बाधित होने से ड्रेन में दबाव बढ़ा और सागवान गांव के पास इसका किनारा टूट गया। सिंचाई विभाग की टीम क्षतिग्रस्त हिस्से को मिट्टी के कट्टों से बंद करने में जुटी है।
अब तक औसतन 250 एमएम बारिश से ही खेत जलमग्न हो चुके हैं। ऐसे में ड्रेन की क्षमता बढ़ाने की मांग भी उठ रही है। फिलहाल ड्रेन की अधिकतर लंबाई कच्ची है, जो हर बार ज्यादा दबाव पड़ते ही टूट जाती है।
मुख्य डिस्पोजल सहित तीन डिस्पोजलों का दबाव भी ड्रेन पर
देवसर चुंगी के मुख्य डिस्पोजल से प्रतिदिन करीब 10 क्यूसेक दूषित पानी इसी ड्रेन में डाला जा रहा है। साथ ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रेमनगर स्थित डिस्पोजल से सेक्टर 13 और 23 का गंदा पानी और यूनिवर्सिटी क्षेत्र का बरसाती पानी भी इसी में जाता है। इसके अलावा करीब 35 गांवों का पानी भी ड्रेन में पहुंच रहा है जिससे लगातार दबाव बना हुआ है।
ग्रामीण इलाकों से भी बारिश का पानी पहुंचा ड्रेन में
जिले के कई गांवों में आबादी तक बारिश का पानी भर गया है, जिसे पंप के जरिए ड्रेन में डाला जा रहा है। इनमें गुजरानी, घुसकानी, मिताथल, प्रेमनगर, तिगड़ाना, सिवाड़ा, पुर, तालू, मुंढाल, बलियाली और रामुपुरा क्षेत्र के गांव शामिल हैं। इससे ड्रेन की ओवरफ्लो की स्थिति बन रही है।
दांग खुर्द क्षेत्र का पानी भी सागवान के पास ड्रेन में डाला जा रहा
दांग खुर्द के आसपास जलभराव के कारण पंप लगाकर पानी को सड़क क्रॉसिंग पाइप के जरिए भिवानी-घग्गर ड्रेन में डाला जा रहा है। साथ ही निंगाना फीडर से भी 80 क्यूसेक पानी इसी में प्रवाहित किया जा रहा है। क्षमता से अधिक पानी होने के कारण ड्रेन बार-बार टूट रही है।
पहले बाजरा फिर धान, मेहनत पर फिरा पानी
पहले बाजरा बोया था, बारिश के बाद जलभराव हुआ तो धान की रोपाई की। लेकिन अब फिर तीन फीट पानी खेत में जमा है। दो बार बीजाई पर खर्च किया लेकिन सारी मेहनत बर्बाद हो गई। – सनीत, किसान
कपास में ढाई फीट पानी, पौधे झुलसे
आठ एकड़ में कपास की फसल थी। पिछले 15 दिनों से ढाई से तीन फीट पानी जमा है। अब पौधे सड़ रहे हैं। खाद, बीज और डीजल पर हजारों रुपये खर्च हुए थे लेकिन अब कुछ नहीं बचा। - किकर सिंह, किसान
पानी में सड़ने लगी फसल, खतरे में आबादी
20 दिन से खेतों में पानी भरा है। अब फसल सड़ने लगी है और खेतों में जहरीले जीव-जंतु आ गए हैं। खेत आबादी के पास हैं, जिससे घरों तक खतरा पहुंच रहा है। विभाग के निकासी प्रबंध नाकाफी हैं। – अत्तर सिंह, किसान
सागवान के पास बुधवार दोपहर ड्रेन ओवरफ्लो हुई। सूचना मिलते ही एसडीओ रजनीश और जेई की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त ड्रेन को मिट्टी के कट्टों से बंद करने में जुट गई। निकासी कार्य भी जारी है। - जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज, सिंचाई विभाग