मूलरूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी 44 वर्षीय सतबीर उर्फ अजय बीटीएम मिल में हेल्पर का काम करता था। दो बच्चों का पिता अजय डीसी कालोनी में राजश्री लाइन के पीछे मकान बनाकर रह रहा था। उसके दोनों बच्चे उसके गांव में ही दादा-दादी के पास रहते हैं। रविवार देर रात उसका कत्ल कर दिया गया था।
भिवानी के जीबीटीएल मिल में काम करने वाले मजदूर की हत्या मामले में सोमवार को कार्रवाई करने को लेकर शहर थाना पुलिस और राजकीय रेलवे पुलिस आपस में उलझ गई। काफी देर बाद हद जीआरपी चौकी की मिली। जिस पर राजकीय रेलवे पुलिस हिसार थाना के प्रभारी ने अस्पताल पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराया वहीं इस संबंध में हत्या का केस दर्ज किया।
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दरअसल रविवार रात को डीसी कॉलोनी निवासी 44 वर्षीय सतबीर उर्फ अजय की तेजधार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद आरोपी बाइक छोड़कर भाग गए थे। इस मामले में रात को शहर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की थी। लेकिन वारदात रेलवे लाइनों के बेहद समीप हुई थी। इसलिए इस मामले को राजकीय रेलवे पुलिस को सौंपा गया। काफी देर तक हद को लेकर दोनों थानों की पुलिस आपस में ही उलझी रही। लेकिन बाद में राजकीय रेलवे पुलिस हिसार थाना प्रभारी राधेश्याम को सूचना दी गई।
इसके बाद हिसार से जीआरपी थाना प्रभारी की टीम भिवानी नागरिक अस्पताल पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराया। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी 44 वर्षीय सतबीर उर्फ अजय बीटीएम मिल में हेल्पर का काम करता था। दो बच्चों का पिता अजय डीसी कालोनी में राजश्री लाइन के पीछे मकान बनाकर रह रहा था। उसके दोनों बच्चे उसके गांव में ही दादा-दादी के पास रहते हैं।