गांव बापोड़ा में सांग का मंचन करते कलाकार।
भिवानी। गांव बापोड़ा में पंडित लख्मीचंद जयंती समारोह के छठे दिन रविवार को भगत पूर्णमल का सांग मंचित किया गया। इस अवसर पर पंडित लख्मीचंद के पौत्र, प्रसिद्ध सांगी विष्णु दत्त ने अपनी टीम के साथ इस सांग का भावपूर्ण प्रदर्शन किया। लोकधुनों और सारंगी की मधुर गूंज के बीच कलाकारों ने इतिहास के मार्मिक पन्नों को जीवंत कर दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए। सांग की शुरुआत स्यालकोट के राजा सुलेभान की कथा से हुई, जिसमें गुरु गोरक्षनाथ के आगमन से राजा के बाग हरे-भरे हुए और सुंदर पुत्र पूर्णमल का जन्म हुआ।
मुख्य मोड़ तब आया जब 12 वर्ष का वनवास काटकर लौटे पूर्णमल को राजा ने अपनी छोटी माता लूनादे के दर्शन करने का आदेश दिया। लूनादे ने पूर्णमल की सुंदरता देखकर कुटिल प्रस्ताव रखा, जिसे ठुकराने पर रानी ने षड्यंत्र रचा और पूर्णमल पर लांछन लगाया। सांग का सबसे भावुक दृश्य तब आया जब राजा सुलेभान ने अपने निर्दोष पुत्र को मृत्युदंड देने का आदेश दे दिया। इस अवसर पर हनुमान कौशिक, लक्ष्मीदत वत्स, जय प्रकाश थानेदार, धर्मवीर नागर और जयप्रकाश उपस्थित रहे।