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Bhiwani News: भाभी ने 161 वर्गगज भूमि की रजिस्ट्री का किया प्रयास, अधिकारियों ने पुलिस में दी शिकायत

Mon, 16 Dec 2024 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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लघु ​सचिवालय भिवानी की तहसील में मौजूद लोग। 
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भिवानी। भिवानी तहसील कार्यालय में एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। इसमें भाभी ने अपनी ननद की जगह 31 लाख रुपये में 161 वर्गगज भूमि को बेचने का प्रयास किया। हालांकि इसके प्रलेख दस्तावेज तैयार हुए और 2.17 लाख रुपये का स्टांप भी खरीदा गया।
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बाकायदा महिला ने तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री कराने के लिए अपना फोटो भी करा डाला। लेकिन जब अधिकारियों के कानों तक ये भनक लगी तो हड़कंप मच गया और आनन-फानन में रजिस्ट्री पर भी रोक लगा दी। वहीं नायब तहसीलदार ने आरोपी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए सिविल लाइन पुलिस थाना में भी शिकायत दे डाली। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
भिवानी तहसील कार्यालय में बीकानेर राजस्थान निवासी जयदेवी नामक महिला के नाम से शहर के रामनगर कॉलोनी में 161 वर्गगज का प्लाॅट बेचने के लिए प्रलेख पंजिका तैयार कराई गई। इसके लिए दो लाख 17 हजार रुपये का स्टांप भी खरीदा गया और फिर इसकी रजिस्ट्री कराने के लिए भिवानी तहसील कार्यालय में दस्तावेज जमा करा दिए।
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रजिस्ट्री क्लर्क के समक्ष भी आरोपी महिला ने अपनी ननद की जगह फर्जीवाड़ा करते हुए खुद का फोटो खिंचवा दिया और अपनी ननद की जगह खुद के विक्रेता के फर्जी हस्ताक्षर कर डाले। तहसील कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से पूरा खेल खेला गया। इसमें नंबरदार व एक अन्य की भी गवाही हुई। लेकिन बाद में अधिकारियों को पता चला कि प्लॉट बेचने वाली महिला की जगह किसी दूसरी महिला ने विक्रेता बनकर फोटो खिंचवाया है तो तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। इसके बाद आनन फानन में अधिकारियों ने रजिस्ट्री पर रोक लगा दी वहीं इस संबंध में भिवानी तहसील कार्यालय के नायब तहसीलदार ने इस संबंध में सिविल लाइन पुलिस थाना में भी आरोपी महिला के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकायत दे डाली।

गवाहों की तरफ से की गई शिकायत
यह भी सामने आया है कि इस रजिस्ट्री को कराने में जिन लोगों को गवाह बनाया गया था। बाद में उन्हीं ने इसकी शिकायत जिला राजस्व अधिकारी को कर डाली। जबकि तहसील कार्यालय में फर्जीवाड़ा का खेल निरंतर चलता रहा। क्योंकि रजिस्ट्री कराते समय किसी भी अधिकारी ने फोटो कराने वाली महिला और दस्तावेज में असल महिला के दस्तावेजों की ठीक से जांच तक नहीं की। क्योंकि फोटो कराते समय महिला का आधार कार्ड भी देखा जाता है। इसमें भी फोटो युक्त पहचान होती है। लेकिन इस तरह सब आंखें मूंदकर फर्जी विक्रेता महिला के आधार पर ही सबकुछ होने दिया गया। बाद में जब पूरे मामले की कलई खुली तो आनन-फानन में रजिस्ट्री पर भी रोक लगाई गई।

मेरे संज्ञान में ऐसा मामला आया था। नायब तहसीलदार की तरफ से सिविल लाइन पुलिस थाना में शिकायत दी गई है। किसी महिला ने अपनी ननद की जगह खड़े होकर रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया है। अधिकारी के संज्ञान में जब ये मामला आया तो उसने इसमें कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा है। एक्ट में भी प्रावधान है कि जिस अधिकारी के सम्मुख दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते हैं, वह अगर गलत है तो वह कानूनी कार्रवाई करा सकता है। - सुरेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी, भिवानी।

पुलिस के समक्ष ऐसी शिकायत आई है। इस पर पुलिस द्वारा नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तहसील कार्यालय से आरोपी महिला का नाम मांगा गया है। उसका नाम अभी तक नहीं दिया गया है। - विशेष यादव, प्रबंधक, सिविल लाइन पुलिस थाना भिवानी।
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