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दिनभर कई बैकों में हुआ हंगामा, बुलानी पड़ी पुलिस

Fri, 25 Nov 2016 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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नोटबंदी के बाद बैंकों में कैश की किल्लत लगातार गहराती जा रही है। पखवाड़ेभर के दौरान पहली बार वीरवार को बैंकों में सबसे कम कैश बंटा। पूरे जिले में बमुश्किल पांच करोड़ रुपये बंट सका। जबकि, जिले की जरूरत तीन सौ से चार सौ करोड़ रुपये बताई जा रही है। कैश की कमी से दिनभर बैंकों के बाहर व भीतर हंगामा होता रहा। पीएनबी मेन ब्रांच में लोग झगड़े पर उतारू हो गए। घंटाघर ब्रांच में लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी।
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बैंकों ने सुबह से ही कैश के लिए हाथ खड़े कर दिए। जिन दो-तीन बैंकों ने कैश बांटा, उनका कैश 12 बजते ही खत्म हो गया। पीएनबी मेन ब्रांच में घंटेभर बाद ही कैश खत्म हो गया। लाइन में खड़े लोगों ने हंगामा किया। लोगों ने कैश बांटने में भेदभाव का आरोप लगाया। बैंक में करीब 15 मिनट हंगामे की स्थिति रही। घंटाघर ब्रांच में भी लोगों में मारामारी रही। बैंक अधिकारियों को महिला पुलिस बुलाई पड़ी। लीड बैंक मैनेजर कुलजीत सिंह ने बताया कि जिले में कैश की भारी कमी रही। उम्मीद है कि शुक्रवार को पर्याप्त मात्रा में कैश बैंकों तक पहुंच जाए।
फोटो : 18 व 19
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एक हजार के नोट से नहीं मिला बीज
बवानीखेड़ा। कस्बे की सहकारी संस्था ने एक हजार के नोट से परहेज करते हुए किसानों को एक हजार के नोट के बदले गेहूं का बीज देने से मना कर दिया। वहीं किसानों को पांच सौ के नोट पर बीज दिया गया। किसानों को पूरा दिन एक हजार के नोटों के बदले पंाच पांच सौ के नोट के लिए भटकना पड़ा। किसान धर्मसिंह कुंगड़, राजसिंह, श्रीभगवान, लाला, जयसिंह आदि ने बताया कि सुबह आठ बजे वो गेहूं का बीज लेने के लिए आये थे। लेकिन बीज के सरकारी कार्यालय पर एक हजार रूपये के कर्मचारियों ने नोट लेने से मना कर दिया। जिसके कारण उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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संस्था के बिक्री केन्द्र के संचालक राजेन्द्र कुमार ने बताया कि उनके पांच पांच सौ के खुल्ले नोट नहीं हैं। सभी किसान एक हजार का नोट लेकर आये है। वहीं उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से भी उनको एक हजार रूपये ना लेने के आदेश मिले हैं।
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परीक्षा की तैयारी छोड़, लगा किराए की जुगत में
बाढड़ा बैंक में आए युवक सन्नी कुमार ने बताया कि आगामी रविवार को उसे एचएसएससी क्लर्क का पेपर देने फतेहाबाद पहुंचना है। वह पिछले चार दिन से पेपर की तैयारी करने के बजाय बैंकों में चक्कर लगा कर किराये-भाड़े का जुगाड़ कर रहा है। लेकिन अभी तक उसे रुपये नहीं मिले है। पिछले दिनों के हालात देखकर तो लगता है शायद ही पेपर दे पाऊं।  
फोटो : 20
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केस 2:
किसी काम नहीं आ रहा दो हजार का नोट
बैंक से दो हजार का नया नोट मिलने के बाद कुछ पल की खुशी मायूसी में बदल गई। बिजेंद्र जांगड़ा ने बताया कि वह बाढड़ा व चरखी दादरी बैंकों के चक्कर लगा रहा है। आखिरकार उसे वीरवार को बाढड़ा के पीएनबी बैंक से दो हजार का नोट मिला तो वह खुश हुआ। लेकिन नया नोट भी उसके किसी काम नहीं आ रहा है। दुकानदार दो हजार का नोट भी छुट्टे न होने की बात कहकर लेने से इंकार कर रहे हैं।
फोटो : 21
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कालेधन वाले मचा रहे है शोर
भिवानी। विधायक एवं पूर्व मंत्री घनश्याम सर्राफ ने कहा कि जिन लोगों के पास नेक व खून-पसीने की कमाई है। वे अपनी पुरानी करंसी को लाइनों में खड़े होकर बैंकों में जमा करा रहे हैं।
वे आज अपने कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे थे। उनको पीएम नरेंद्र मोदी के 500 व एक हजार के नोट बंद करने के फैसले से कोई शिकायत नहीं है, बल्कि वे पीएम मोदी के फैसले का स्वागत कर रहे है, लेकिन जिनके पास काला धन है या फिर जो लोग काले धन जमा करने वाले के हितैषी है। वे ही पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले को लेकर चिल्ला रहे है। चूंकि पीएम मोदी के फैसले से ब्लैक मनीधारकों का काला धन कबाड़ बनता जा रहा है।
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