महज दो मिनट छह सेकेंड में बाइकों पर आए पांच बदमाश दिन-दहाड़े पंजाब नेशनल बैंक की चांग शाखा में डकैती डाल 14 लाख 40 हजार की नकदी ले गए। बाइकों पर बैठते ही आंखों से ओझल हो गए। इस दौरान बैंक के छह कर्मचारी और बैंक में लेन-देन के लिए आए करीब सात उपभोक्ता दहशत में रहे। घटना के बाद भी कर्मचारी और उपभोक्ता सहमे रहे।
बदमाश बैंक में सुबह 11:18:01 समय पर घुसे। आते ही एक बदमाश ने गार्ड बलवान को धक्का मारा और उसकी बंदूक नीचे गिरा दी। इसके बाद वहां गार्ड के पांव के पास गोली चलाई। बलवान पीछे हो गया नहीं तो गोली उसके पांव में लग सकती थी। इसके बाद वहां उपभोक्ताओं को एक साइड करने लगे। एक बदमाश कैशियर की विंडो पर गया और पिस्तौल तान दी। तीसरा बदमाश काउंटर के पास से कैशियर महेंद्र के केबिन में गया और उसे बाहर निकलने के लिए कहा। इसी दौरान कैश काउंटर के बाहर खड़ा बदमाश भी अकाउंटेंट के पास पहुंच गया। एक काउंटर से सारा कैश समेटने लगा तो दूसरा अकाउंटेंट को धक्के मारने लगा। उधर, बाकी दो बदमाशों में एक उपभोक्ता और गार्ड के पास रहा तो चौथा अन्य कर्मचारियों पर पिस्तौल ताने रहा। इस बदमाश ने बैंक के ही एक अधिकारी मनीष कुमार को पकड़ रखा था। काउंटर में रखे कैश को पिट्ठू बैग में समेट चारों बदमाश अपने बाहर खड़े साथी के साथ फरार हो गए। बदमाश 11:19:07 बजे बैंक से निकले और पूरी वारदात को महज 02 मिनट और छह सेकेंड में अंजाम दिया।
लाइट गई तो बचा स्ट्रांग रूम का कैश
बदमाशों ने आते ही सबसे पहले गार्ड और अकाउंटेंट को टारगेट किया। अकाउंटेंट के पास काउंटर में 14.40 लाख रुपये रखे थे, जो बदमाशों ने अपने बैग में समेटे। ये नकदी समेटने के बाद अकाउंटेंट से स्ट्रांग रूम की चाबी मांगी। इसी दौरान अचानक लाइट चली गई और बदमाश घबराहट में भाग निकले। अगर बिजली का कट नहीं लगता तो लूट की राशि ज्यादा हो सकती थी।
क्या बोले उपभोक्ता और कर्मचारी
एक बदमाश ने मेरे सामने खिड़की से और दूसरे ने पीछे से आकर पिस्तौल तान दी। चारों पिस्तौल लिए हुए थे। मैं घबरा गया। मुझे केबिन से बाहर निकाल दिया। एक बदमाश भी मेरे पास रहा। अनहोनी का डर सता रहा था, कहीं किसी को गोली न मार दे।
- महेंद्र सिंह, अकाउंटेंट
मुझे संभलने का मौका ही नहीं दिया। आते ही एक ने मुझे धक्का दिया और मेरी बंदूक नीचे गिर गई। इसके बाद मेरे पांव के पास गोली चलाई। सभी उपभोक्ताओं को एक साइड कर दिया था, मगर एक बदमाश मेरे पास ही पिस्तौल लिए खड़ा रहा।
- बलवान सिंह, गार्ड
मैं चेक जमा कराने आया था। चेक जमा करा दिया था। इसी दौरान बदमाश आ गए। सभी को धक्के देने लगे। मैं भी घबरा गया। सभी पिस्तौल लिए हुए थे।
- नरेंद्र सिंह, उपभोक्ता, ढाणी चांग
दो साल में चौथी वारदात, दो सुलझी
पिछले दो साल में बैंक लूट की यह चौथी वारदात है। इससे पहले की तीन वारदातों में दो को पुलिस सुलझा चुकी है और आरोपियों को पकड़ चुकी है। लेकिन 20 अगस्त 2018 को गांव मिलकपुर में बैंक मैनेजर को गोली मारकर 12 लाख रुपये लूट की वारदात अभी भी अनसुलझी हैै।
कब कहां हुई वारदात
- 20 अगस्त 2018 : बवानीखेड़ा के गांव मिलकपुर में बस से उतरकर बैंक जा रहे को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर को गोली मारकर 12 लाख रुपये लूटे। गोली लगने से मैनेजर की मौत हुई।
- 22 नवंबर 2019 : गवर्नमेंट कॉलेज स्थित एसबीआई की शाखा में गार्ड पर तेजधार हथियार से हमला कर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। गार्ड की मौत हो गई। आरोपी गिरफ्तार हो चुका है।
- 07 नवंबर 2019 : तोशाम में दिन-दहाड़े केनरा बैंक से तीन युवक 3.91 लाख रुपये लूट ले गए। सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
बैंक में डकैती की घटना को अंजाम देने आए बदमाश कैशियर से कैश लेते सीसीटीवी कैमरे में हुए कैद। संवा?- फोटो : Bhiwani