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सीमांत इलाकों में हो रहा बाजरे का अवैध भंडारण

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लोहारू रोड स्थित नई अनाज मंडी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
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संजय वर्मा
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भिवानी। हरियाणा की मंडियों में एक अक्तूबर से बाजरा की सरकारी खरीद शुरू होगी, लेकिन राजस्थान और यूपी से हरियाणा के सीमांत इलाकों में बाजरे का अवैध भंडारण भी शुरू होने लगा है। रोजाना ही राजस्थान से 300 क्विंटल बाजरा ट्रकों में भर सीमांत इलाके के गांवों में कच्चे रास्तों के जरिए पहुंच रहा है। अभी तक सीमांत इलाकों पर बाजरा लाने और ले जाने में कोई रोकटोक भी नहीं है। यही वजह है कि खरीद शुरू होने से पहले ही दूसरे राज्यों के बाजरे का पर्याप्त भंडारण भिवानी जिले के गांवों में होने की आशंका है।
इसके पीछे एक वजह यह भी मानी जा रही है कि हरियाणा में किसान के बाजरे को 2150 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिलेगा, जबकि राजस्थान और यूपी से आने वाला बाजरा 1200 रुपये से 1450 रुपये में खरीद कर लाया जा रहा है। इस बाजरे को रजिस्टर्ड फार्मर के जरिए मंडियों तक पहुंचाने की तैयारी हो रही है। वहीं बाजरा खरीद के दौरान गड़बड़ी की आशंकाओं को लेकर जिला प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है।
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बाजरा खरीद के लिए भिवानी जिले में 14 मंडी बनाई हैं, जिसमें गांव सिधनवा, ओबरा, बुद्धशैली, बड़वा, पाजु, मिट्टी में भी खरीद केंद्र बने हैं, जो कच्ची मंडियां हैं। ये मंडियां राजस्थान सीमांत क्षेत्र की ग्रामीण मंडियां हैं, जिनमें आसानी से दूसरे राज्यों का बाजरा पहुंचने की आशंका बनी हैं। पूरे सीजन के दौरान एक लाख 12 हजार मीट्रिक टन बाजरा खरीद होगा। जबकि पिछले साल 48253 मीट्रिक टन किसानों का बाजरा खरीद हुआ था। जिले में करीब 50 हजार किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पर अपना रजिस्ट्रेशन भी करा चुके हैं। जिसकी वेरिफिकेशन भी जिला प्रशासन द्वारा कराई गई है। प्रत्येक किसान 40 क्विंटल तक बाजरा की बिक्री कर सकता है। जिले में हैफेड और हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन द्वारा खरीद होगी। इसमें 60 फीसदी बाजरा हैफेड और 40 फीसदी बाजरा वेयर हाउस कारपोरेशन द्वारा खरीद होगा।
वर्जन -
किसान के खेत का पोर्टल पर फर्जी रजिस्ट्रेशन में गलत इस्तेमाल हुआ है। जिसके जरिए राजस्थान, यूपी और गुजरात से भी भारी मात्रा में अवैध बाजरा पहुंच चुका हैं, जिस पर मंडी में खरीद शुरू होते ही इसे व्यापारी बेचेगा और किसान की फसल बिक्री का नंबर आते ही सरकार का टारगेट पूरा हो चुका होगा। इस तरह की गड़बड़ी की आशंका से किसान संगठन डीसी व एसडीएम को अवगत करा चुका है और कुछ जगह चिह्नित कर कार्रवाई की भी मांग कर चुका है। इस संबंध में किसान महापंचायत बुलाई जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मंडी में किसान का बाजरा बिके और औने पौने दामों में व्यापारी द्वारा खरीद किया बाजरा सरकारी गोदामों तक न पहुंचे।
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- रवि आजाद, युवा जिला अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन।
वर्जन-
रजिस्टर्ड किसानों की फसल वेरिफिकेशन कराई जा चुकी है। बाजरा खरीद को लेकर संबंधित खरीद एजेंसियों को भी हिदायतें दी गई हैं। इसके अलावा मंडियों में केवल रजिस्टर्ड किसान ही अपनी फसल लेकर आएगा, इसके अलावा खरीद के दौरान मंडियों में लोडिंग और अनलोडिंग की किसी भी तरह की कोई सूचना मिलेगी उस पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
- अजय कुमार जिला उपायुक्त भिवानी।
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