धरने पर बैठे कानूनगो व पटवारी को समर्थनदेते कांग्रेसी नेता मास्टर सतबीर रतेरा।
भिवानी। पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल का असर राजस्व से जुड़े मामलों पर ही नहीं बल्कि जेल के अंदर बंद बंदियों और कैदियों की जमानत और पैरोल पर भी पड़ा है। पिछले 16 दिनों से पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल जारी है। इसकी वजह से करीब डेढ़ सौ से अधिक बंदियों व कैदियों की जमानत और पैरोल के मामले भी लटक गए हैं। वहीं हड़ताल की वजह से करीब साढ़े पांच करोड़ राजस्व का नुकसान भी हो चुका है। पटवारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद ही बंदियों व कैदियों के पैरोल और जमानत के मामले निपट पाएंगे। वीरवार को लघु सचिवालय के बाहर हड़ताली पटवारियाें व कानूनगो ने धरना दिया और मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
बता दें कि जिले में चल रही पटवारी एवं कानूनगो की हड़ताल के चलते लोगों के जरूरी कार्य अटके हुए हैं। वहीं, बंदियों की जमानत रिपोर्ट भी तैयार नहीं हो पा रही है। पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला भिवानी के उप प्रधान विकास राठी ने बताया कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानेगी, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। ऐसे में आमजन समेत बंदियों व कैदियों को अभी परेशानियों से और दो-चार होना पड़ सकता है।
दरअसल, पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन पिछले 16 दिनों से लघु सचिवालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। हड़ताल के चलते जमीन संबंधी कार्य करवाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के चलते जमाबंदी, इंतकाल, रिहायशी प्रमाण पत्र, निशानदेही, पैमाइश व जेल में बंद बंदियों की जमानत सत्यापन का कार्य लंबे समय से अटके हुए हैं।
बंदी की जमानत में पटवारी करता है सत्यापन
जेलों में बंद कैदियों व बंदियों की जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों का सत्यापन करवाना होता है। वहीं, हलका पटवारी भी अपने क्षेत्र के बंदी को जमानत दिलवाने में अहम भूमिका निभाता है। जमानत मंजूर होने के बाद संबंधित हलका पटवारी के पास डाक द्वारा लेटर जारी कर बंदी की रिपोर्ट बनवाई जाती है ताकि हलका पटवारी बंदी की चल-अचल संपत्ति सहित चाल चलन रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंप सके।
पिछले 16 दिन से जिले के पटवारी और कानूनगो कलम छोड़ हड़ताल पर हैं। ऐसे में कार्यालय में आई जमानत रिपोर्ट को पटवारियों ने अभी तक हाथ भी नहीं लगाया है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही जेल में बंद कैदी व बंदी जमानत पर बाहर आ सकेंगे। ऐसे करीब 150 केस होने का अनुमान है। शुक्रवार को कर्मचारी संगठन भी उनकी हड़ताल का समर्थन कर कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन में शामिल होंगे।
-विकास राठी, जिला उप प्रधान, पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन भिवानी।