करीब 20 दिन बाद एक बार फिर भारी भरकम टिड्डी दल ने बहल क्षेत्र में अटैक कर किसानों की नींद उड़ा दी। शुक्रवार रात को राजस्थान के गांवों में पड़ाव डालकर रात बिताने के बाद टिड्डी दल ने शनिवार को बहल क्षेत्र के गांवों में हमला बोला। टिड्डी दल करीब दस किलोमीटर क्षेत्र में एक गांव से दूसरे गांव के चक्कर लगाती रही। वहीं किसान अपने अपने खेतों की रखवाली करते हुए टिड्डियों को भगाते रहे।
टिड्डी दल के राजस्थान के भाकरां व कांधरान गांव में पड़ाव डालने की सूचना शुक्रवार शाम को ही मिल गई थी। किसान अपनी तरफ से दल से निपटने के लिए अलर्ट थे। शनिवार सुबह करीब नौ बजे टिड्डी दल ने राजस्थान से निकलकर बहल क्षेत्र में प्रवेश किया। बहल क्षेत्र के गांव सुधीवास, पातवान, गरवा, सुरपुरा कलां, सुरपुरा खुर्द व बहल सहित अन्य गांवों में टिड्डी दल ने करीब दस किमी की परिधि में चक्कर लगाने शुरू कर दिए। कभी एक गांव तो कभी दूसरे गांव में कभी छोटे छोटे दल में तो कभी बड़े दल में टिड्डी दल घूमता रहा। वहीं, प्रशासन व कृषि विभाग की नजर इस बात पर रही कि टिड्डी दल का रात्रि ठहराव कहां पर होगा ताकि उसी जगह पर दवा का छिड़काव कर इसे खत्म किया जाए। उधर किसान थाली, परात, ड्रम सहित अन्य साधनों से आवाज कर व आतिशबाजी का धुआं छोड़कर दिनभर टिड्डी दल को खेतों से भगाते रहे। गौरतलब कि 11 जुलाई को बहल क्षेत्र के चैहड़ कलां, खुर्द, बिठन व लोहारू क्षेत्र के नकीपुर सहित अन्य गांवों में टिड्डी दल ने हमला किया था। उस समय बिठन गांव में रात को खुद कृषि मंत्री जेपी दलाल ने अपनी देखरेख में दवा का छिड़काव करवाया था। नतीजतन, तीन दिन में कृषि विभाग ने पूरी तरह से क्षेत्र को टिड्डी दल से मुक्त कर दिया था।
दो गुणा एक किलोमीटर लंबा था दल, कभी बिछुड़ा तो कभी जुटा
कृषि विभाग के अधिकारियों की माने तो इस बार आया टिड्डी दल बहुत बड़ा नहीं है। टिड्डी दल का आकार दो किमी लंबा व एक किमी चौड़ाई का है। शनिवार को कांधरान व भाकरां गांव से चले इस दल ने कभी एक साथ रास्ता तय किया तो कभी अलग अलग। बहल क्षेत्र के गांवों में आने के बाद भी दल छोटे छोटे टुकड़ों में इधर-उधर भटकता रहा तो कभी एक जगह पर देखा गया।
करीब 400 लीटर दवा है तैयार, रात को होगा ऑपरेशन
कृषि विभाग के अधिकारियों ने इस अलग अलग दल बनाकर अपना मोर्चा संभाल लिया है। बहल खंड कृषि अधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि विभाग के पास 100 लीटर से ज्यादा का स्टाक मौजूद है और 300 लीटर दवा भिवानी से मंगवाई गई है। रात को जहां भी दल का पड़ाव रहेगा, उस पर अटैक कर रात को ही ऑपरेशन पूरा करने का टारगेट बनाया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों ने माउंटेड स्प्रे ट्रैक्टर तैयार कर रखे हैं जो जरूरत पड़ने पर हमले के लिए तैयार रहेंगे।
विभाग का दावा, 70 प्रतिशत टिड्डियां कीटनाशक से हुईं खत्म
शनिवार सुबह नौ बजे बहल क्षेत्र में आई टिड्डियों को लेकर कृषि विभाग ने शाम चार बजे सूचना दी कि पातवान गांव में टिड्डी दल ने दिन में ठहराव लिया था। गांव के सुरेन्द्र शर्मा के खेत में तीन एकड़ जगह में जहां टिड्डियों ने दिन में ठहराव लिया था। वहां एक दिन पहले कीटनाशक का छिड़काव किया गया था। कृषि अधिकारी चंद्रभान ने बताया कि जैसे ही टिड्डी दल वहां फसल पर बैठा तो कीटनाशक के प्रभाव से खत्म होता गया। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान से आए टिड्डी दल में 70 प्रतिशत खत्म हो गया है। बाकी जो बचा है उस पर नजर है जिसे रात को अभियान चलाकर खत्म कर दिया जाएगा।
वर्जन-
राजस्थान से आए टिड्डी दल की बहल क्षेत्र में सक्रिय होने की सूचना मिली है। लेकिन, किसानों को इसे लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है। कृषि विभाग टिड्डी दल के हमले से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। अधिकारियों व कर्मचारियों को सत निर्देश दिए गए हैं कि इस आपदा के समय में अपनी ड्यूटी के लिए मुस्तैद रहे। वहीं, किसानों से आग्रह है कि वे अपने खेतों की रखवाली करें तथा कृषि विभाग को टिड्डी दल के बारे में सूचना देते रहें।
- जयप्रकाश दलाल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, हरियाणा