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बड़ेसरा प्रकरण: पूर्व सरपंच पवन हत्याकांड में अंकित और सचिन को उम्रकैद, गोली मारकर की थी वारदात

Wed, 30 Aug 2023 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

न्यायालय ने दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। 14 अक्तूबर 2019 को गोली मारकर पवन की हत्या की गई थी।
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court demo - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा के भिवानी के बड़ेसरा प्रकरण में पूर्व सरपंच पवन हत्याकांड में अदालत ने अंकित और सचिन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियुक्तों पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अश्वनी गोयल की अदालत ने दोनों को पवन हत्याकांड में दोषी करार दिया था।

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अदालत ने आनंद उर्फ बबलू, उसकी पत्नी सुदेश, विकास उर्फ पिल्लू, राजेश उर्फ राजा को आरोप मुक्त किया है। 14 अक्तूबर 2019 को बुलेट सवार दो युवकों ने घर के आगे ही गोली मारकर पवन की हत्या कर दी थी। हत्या में 11 नामजद लोगों के खिलाफ बवानीखेड़ा पुलिस थाना में साजिश के तहत हत्या सहित संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था।

अदालत में पेश चालान के अनुसार गांव बड़ेसरा निवासी राजकुमार ने बवानीखेड़ा पुलिस थाना में शिकायत दी थी। इसमें उसने बताया था कि 14 अक्तूबर 2019 की शाम सात बजे वह अपने चचेरे भाई पवन कुमार के साथ सीसर रोड पर बने बालाजी मंदिर से अपनी-अपनी बाइक से घर लौट रहे थे।
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पवन बाइक से आगे चल रहा था और वह पीछे अपनी बाइक से आ रहा था। गांव बड़ेसरा बस स्टैंड से एक बुलेट ने पवन की बाइक का पीछा करना शुरू किया। जब पवन अपने घर के समीप पहुंचा तो बुलेट सवार दो युवकों ने पवन की बाइक का रास्ता रोक कर उस पर ताबड़-तोड़ गोलियां बरसा दी थी। इससे पवन बाइक सहित नीचे गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पवन की हत्या मामले में बवानीखेड़ा पुलिस ने 11 नामजद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

ये है बड़ेसरा प्रकरण
गांव बड़ेसरा निवासी बलजीत ने 2017 में गांव की सरपंच सुदेश के खिलाफ आरटीआई लगाई थी। उसमें सुदेश की दसवीं कक्षा की मार्कशीट फर्जी पाई गई थी। इसके बाद से दोनों पक्षों में रंजिश हो गई थी। इसी रंजिश में बलजीत और उसके परिवार के पांच लोगों की हत्या की जा चुकी है। वर्ष 2017 में बलजीत व उसके चाचा भल्लेराम और ताऊ महेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

14 अक्तूबर 2019 को गवाह पूर्व सरपंच पवन की भी हत्या कर दी गई थी। 2020 में बलजीत के ताऊ की घर के सामने ही तीन गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, बबलू पक्ष के 50 वर्षीय महेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में मास्टर अजीत उर्फ बालिया गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

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