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Bhiwani News: अब डंपिंग यार्ड पर एक दशक से पड़ा 82 हजार टन ठोस कचरा, नई कंपनी करेगी निस्तारण

Wed, 30 Aug 2023 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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 दादरी रोड ​स्थित डंपिंग यार्ड  में  कूड़े का निस्तारण करती मशीन। 
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भिवानी। दादरी रोड स्थित डंपिंग यार्ड में करीब एक दशक से अधिक समय से पड़े 82 हजार टन ठोस कचरे का निस्तारण का काम अब नई कंपनी को सौंपा दिया गया है। इसके निस्तारण में कंपनी को छह माह से अधिक का समय लग सकता है।
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वहीं ठोस कचरा निस्तारण प्लांट को बिजली का कनेक्शन भी मिल चुका है। इसके बाद प्लांट में दो लगेसी यूनिटें चालू हो गई हैं। इनसे रोजाना ही 600 टन कचरे का निस्तारण संभव है। फिलहाल भिवानी शहर और चरखी दादरी शहर के अलावा कस्बा बवानीखेड़ा और लोहारू में करीब 400 टन ठोस और गीला कचरा निकल रहा है। ठोस कचरा प्लांट के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन यानी पर्यावरण एनओसी के लिए भी कंपनी ने आवेदन किया है। इस पर 15 दिन में मंत्रालय की टीम प्लांट पर पर्यावरण संबंधी पहलुओं की जांच के लिए टीम निरीक्षण करने पहुंच सकती है। वहीं विधानसभा में भी डंपिंग यार्ड को यहां से स्थानांतरित किए जाने का मुद्दा गूंजा है। इसमें विधायक घनश्याम सर्राफ ने कंपनी को पर्यावरण एनओसी पर भी सवाल उठाए हैं।

दादरी रोड डंपिंग यार्ड पर 24 एकड़ भूमि पर श्रीश्याम इंटरप्राइजिज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 22 साल की लीज पर नगर परिषद से भूमि लेकर ठोस कचरा निस्तारण प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू की है। प्लांट में करीब डेढ़ करोड़ की लागत से दो लगेसी यूनिट चालू हो गई हैं। इन दोनों यूनिटों की रोजाना आठ घंटे में 600 टन ठोस कचरे का निस्तारण करने की क्षमता है। जबकि भिवानी शहर करीब 200 टन कचरा ही रोजाना पहुंच रहा है। इस कचरे को प्रोसेसिंग यूनिट में डाला जाता है। जहां इसे 30 से 35 दिनों तक रखे जाने के बाद निस्तारण की प्रक्रिया में लाया जाता है। कचरे को निस्तारण कर इससे मेटल, प्लास्टिक, इलेक्ट्रिक सामान, मिट्टी को अलग किया जाएगा।
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निगम ने दिया 150 केवीए क्षमता का बिजली कनेक्शन

दादरी रोड डंपिंग यार्ड स्थित ठोस कचरा निस्तारण प्लांट स्थापित करने के लिए निगम ने कंपनी को 150 केवीए क्षमता का बिजली कनेक्शन जारी कर दिया है। कंपनी ने बिजली कंट्रोल रूम के अलावा वहां बड़ा ट्रांसफार्मर भी स्थापित कर दिया है। इन पर 18 से 20 लाख रुपये की लागत आई है। करीब 60 करोड़ की लागत से साल भर में ठोस कचरा निस्तारण प्लांट बनकर तैयार होगा। इसके बाद इसे पूरी क्षमता से चलाया जाएगा।



सीसी सड़क के साथ विकसित होगी ग्रीन बेल्ट

ठोस कचरा निस्तारण प्लांट के चारों तरफ सीसी सड़क का निर्माण किए जाने का काम सितंबर में शुरू होगा। इसी दौरान प्लांट के चहारदीवारी का काम भी होगा। सीसी सड़क के साथ-साथ ग्रीन बेल्ट विकसित करने का काम भी शुरू होगा।

डंपिंग यार्ड पर पहले से पड़ा करीब 82 हजार टन ठोस कचरा निस्तारण का कार्य भी कंपनी को सौंपा गया है। इस कचरे का निस्तारण के लिए दो लगेसी यूनिटें चालू कर दी गई हैं। इनकी क्षमता प्रतिदिन आठ घंटे में 600 टन ठोस कचरा निस्तारण की है। निगम की तरफ से बिजली कनेक्शन भी चालू किया गया है। जल्द ही प्लांट के चारों तरफ चहारदीवारी और सीसी सड़क निर्माण के साथ ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। प्लांट की पर्यावरण विभाग से एनओसी का आवेदन भी किया जा चुका है, जिस पर मंत्रालय की टीम जल्द निरीक्षण कर मानकों की जांच करेगी।

-वीरेंद्र सिंह, सीईओ, श्रीश्याम इंटरप्राइजिज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी।

मैंने विधानसभा सत्र में भिवानी के डंपिंग यार्ड को यहां से दूर स्थानांतरित किए जाने और ठोस कचरा निस्तारण कंपनी के प्लांट लगाने पर पर्यावरण विभाग से एनओसी के संबंध में सवाल उठाए हैं। अभी तक कंपनी को पर्यावरण एनओसी नहीं मिली हैं। एनजीटी के पैरामीटर भी पूरे नहीं हैं, फिर भी प्लांट स्थापित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर कचरा निस्तारण किया जा रहा है। ऐसा करना आसपास की आबादी के लिए भी घातक है। जनता की मांग है कि डंपिंग यार्ड शहर से दूर होना चाहिए।
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- घनश्याम सर्राफ, भाजपा विधायक, भिवानी।
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