भिवानी। इसा खराब गेहूं नै तो म्हारे डांगर भी कौनी खावै, हाम किस तरीया खां ल्यां..., इस मै तो भूंडी बांस आवै सै... देखण तै ए जी खराब हौ ज्या सै। यह कहना है गांव धनाना प्रथम के तिहाड़ा पाना निवासी सत्यवान, कृष्ण और ब्रह्मा देवी का।
बीपीएल परिवारों को मुफ्त मिलने वाला राशन डिपो का गेहूं सड़ा हुआ है, यह देखकर ग्रामीणों ने इस पर एतराज जता दिया। इसके बाद डिपो संचालक ने दलील दी कि आगे से ही खराब सप्लाई आई है। ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर भी राशन पर मिले खराब गेहूं के फोटो को वायरल कर दिया। वहीं इस संबंध में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अधिकारियों को भी सूचना दी तो अधिकारियों ने भी तत्काल प्रभाव से डिपो पर भेजे गए खराब गेहूं को बदलवाने की बात कही है।
बता दें कि हाल ही में हरियाणा सरकार की तरफ से किसानों का गेहूं एमएसपी पर खरीद किया गया है। 15 मई को गेहूं की सरकारी खरीद भी पूरी हो चुकी है, अब हाल ही में खरीद कराए गए गेहूं को राशन डिपो पर भेजना शुरू कर दिया है। नई खरीद की शुरुआती सप्लाई में ही डिपो पर खराब गेहूं भेजे जाने का मामला सामने आया है।
इसके बाद गांव धनाना के करीब 50 से 55 ग्रामीणों को तो खराब गेहूं का ही वितरण किया जा चुका है, जबकि काफी ग्रामीणों ने डिपो पर आए खराब गेहूं को लेने से साफ इन्कार कर दिया है। धनाना प्रथम तिहाडा पाना निवासी लोगों का तो यहां तक कहना है कि खराब गेहूं इतना सड़ चुका है कि उसके अंदर से बदबू आ रही है और रंग काला पड़ चुका है। इसे इंसान तो क्या पशु भी नहीं खा सकते हैं। ऐसे गेहूं के सेवन से पशुओं की सेहत बिगड़ने का भी डर है।
खरीद के दौरान बारिश में भीग कर खराब हुआ था हजारों क्विंटल गेहूं
सरकारी खरीद के दौरान बारिश होने की वजह से खुले में पड़ा हजारों क्विंटल गेहूं खराब हो चुका था। हालांकि अधिकारियों का दावा था कि खराब गेहूं को नष्ट कराया जाएगा। लेकिन अब ये खराब गेहूं सरकारी राशन डिपो पर भी पहुंच गरीबों का निवाला बनने जा रहा है। ऐसे में जिन मंडियों में गेहूं बारिश में भीगा था, उसकी गोदामों में लगाने के दौरान भी शायद ठीक से जांच तक नहीं कराई गई। हालांकि सरकारी राशन डिपो पर भेजे जाने वाले गेहूं के कट्टों पर आढ़ती यानी खरीद कराने वाली फर्म का भी टैग लगा है। ऐसे में ये खराब गेहूं किस आढ़ती ने भेजा था, इसका भी पता चल सकता है। अब अधिकारियों को इसकी जांच कराकर इसमें दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ आढ़ती पर भी कार्रवाई करनी चाहिए।
खराब गेहूं को लेने से किया इन्कार
धनाना प्रथम के डिपो संचालक के पास भेजे गए खराब गेहूं का वितरण करने पर कई ग्रामीणों ने इसे लेने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि खराब गेहूं सरकार की तरफ से नहीं बल्कि अधिकारियों की लापरवाही की वजह से हुआ है। जबकि कुछ डिपो पर सप्लाई में सही गेहूं भी आया है। जिस डिपो पर खराब गेहूं है उसके सभी कट्टे खोलकर देखे तो सभी में काला और बदबूदार गेहूं ही निकला है। इसके बाद डिपो संचालक ने इसकी जानकारी खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारियों को दी। फिर खराब गेहूं का वितरण काम भी रुकवा दिया।
डीसी को दो किलो खराब गेहूं का सैंपल देकर की जांच की मांग
राशन डिपो पर खराब गेहूं वितरण की शिकायत लेकर गांव धनाना के ग्रामीण मास्टर राजेश कुमार, लाली, कपूरचंद, राजकुमार, सुरजभान उपायुक्त से मिलने भिवानी पहुंचे। ग्रामीणों ने डीसी और नगराधीश को लिखित में शिकायत देकर डिपो धारक पर ही खराब गेहूं वितरण के गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में महिला के नाम से डिपो का संचालन किया जा रहा है। इसका पति और ससुर धनाना मंडी में आढ़ती हैं। धनाना मंडी में किसानों से हैफेड द्वारा खरीद किया गया था। डिपो पर आया सही गेहूं डिपो संचालक के पति ने बेच दिया जबकि बारिश के दौरान खराब हुआ गेहूं पात्र परिवारों को वितरण कर दिया है। इसके बाद ग्रामीणों ने डीसी को दो किलोग्राम खराब गेहूं का सैंपल भी दिया है। इसके बाद उपायुक्त ने मामले की जांच के अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं।
गांव धनाना के एक डिपो पर खराब गेहूं की आपूर्ति की शिकायत आई थी। इसके बाद इसके वितरण पर रोक लगाकर उसे बदलवाने के निर्देश दिए गए हैं। पता करने पर यह बात सामने आई है कि हैफेड द्वारा ये बवानीखेड़ा मंडी से खरीद किया गया था। खराब गेहूं की जगह स्वच्छ गेहूं भेजा जाएगा। इसके बाद ही पात्र परिवारों में इसका वितरण कराया जाएगा। -मुकेश कुमार, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, पीआर सेंटर, भिवानी।