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अंबाला जाने के लिए अड़ीं आशा वर्कर्स की पुलिस से हुई झड़प

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शहर में पुलिस के साथ झड़प करते आशा वर्कर व अन्य कर्मचारी। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। लंबित मांगों को लेकर आशा वर्कर लंबे समय से संघर्षरत हैं। लघु सचिवालय के बाहर उनका धरना भी जारी है। वीरवार को आशा वर्कर लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए अंबाला जाने के लिए एकत्रित हुईं। इस दौरान कई सामाजिक जनसंगठनों के पदाधिकारी भी उनके समर्थन में आए। जब आशा वर्कर अंबाला जाने के लिए बसों की तरफ बढ़ीं तो पुलिस प्रशासन ने रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने वहीं से सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करके विरोध जताया। इसको लेकर पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई।
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पुलिस ने आशा वर्कर, कर्मचारी व किसान नेताओं को हिरासत में लेकर थाना औद्योगिक क्षेत्र और महिलाओं को सिविल थाने में बैठा लिया। थोड़ी देर बाद उन्हें छोड़ दिया। सीटू के जिला प्रधान राममेहर सिंह व अखिल भारतीय किसान सभा के जिला कार्यकारी सचिव कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार की शह पर जिला पुलिस प्रशासन की यह तानाशाही व बर्बर कार्रवाई है। यह सरेआम लोकतांत्रिक व सांविधानिक अधिकारों का हनन हुआ है, जिसका खामियाजा हरियाणा सरकार को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने पुलिस व सरकार की बर्बर कार्रवाई की घोर निंदा की है।
वीरवार को सीटू नेता कामरेड अनिल कुमार, सुखदेव पालुवास, किसान नेता रामफल देशवाल, ओमप्रकाश दलाल, सर्व कर्मचारी संघ के धर्मबीर भाट्टी, अशोक गोयत, जितेंद्र मीराण, आशा वर्कर नेता सुशीला सरोहा, ममता, सुदेश, बबली, सुशीला, एकता, सुदेश, मनीशा, हुकुम कौर, सुशीला, सुमन, कृष्णा, ममता, जनवादी महिला समिति की संतोष देरावाल, कर्मचारी नेता सज्जन सिंगला, प्रताप सिंह सिंहमार को पुलिस ने हिरासत में लिया।
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नहीं किया बल प्रयोग
प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी धक्कामुक्की कर रहे थे, जिनको थाने में लाया गया और थोड़ी देर बाद उन्हें छोड़ दिया। पुलिस ने किसी भी तरह का कोई बल प्रयोग नहीं किया।
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- रमेश कुमार, प्रभारी, सिविल लाइन पुलिस थाना।
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