भिवानी तोशाम मार्ग पर रविवार सुबह छाया स्मॉग।
भिवानी। जिले में पिछले पांच दिन से वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर लगातार 300 के पार बना हुआ है जिसे ‘बहुत खराब’ श्रेणी माना जाता है। इस बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में खांसी, जुकाम, सांस की तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मरीजों की संख्या 1200 से बढ़कर 1800 तक पहुंच गई है। यहां आने वाले लोगों में आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण अधिक देखने को मिल रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर कुछ मरीजों में खांसी के साथ बुखार भी पाया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में खांसी, जुकाम और सांस संबंधी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण में सांस के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसी स्थिति में मास्क लगाकर रखें और बुजुर्ग सुबह–शाम सैर पर जाने से बचें।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरजीत ने बताया कि प्रदूषण से आंखों में जलन बढ़ जाती है। ऐसे में आंखों को दिन में तीन–चार बार ठंडे पानी से साफ करते रहें। उन्होंने कहा कि बिना चिकित्सक की सलाह के आंखों में कोई भी दवा नहीं डालनी चाहिए क्योंकि आंख बेहद संवेदनशील अंग है। आंखों को धूल–धुएं से बचाने के लिए चश्मा पहनना भी उपयोगी है।
जिले में सात दिनों से एक्यूआई की स्थिति
तारीख एक्यूआई स्तर
16 नवंबर
317
15 नवंबर
327
14 नवंबर
351
13 नवंबर
348
12 नवंबर
339
11 नवंबर
285
10 नवंबर
281
09 नवंबर
252