06 फोटो भिवानी शहर के आसमान में छाई प्रदूषण की धूंध।
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दिवाली पर अचानक बढ़ा प्रदूषण लगातार दूसरे दिन यानी मंगलवार को भी 347 एक्यूआई दर्ज किया गया। दिवाली के दिन यह 349 एक्यूआई था। लगातार दूसरे दिन आसमान में स्मॉग की सफेद चादर देखी गई वहीं लोग आंख में जलन की समस्या से परेशान रहे। मंगलवार को धूप भी पूरी तरह नहीं निकली। विशेषज्ञों का कहना है कि स्मॉग का ही असर है। विशेषज्ञों के अनुसार अभी दो दिन और ऐसे ही यह वायु प्रदूषण लोगों के लिए परेशानी बनेगा। अगर यह लंबे समय तक सप्ताह या 10 दिन तक रहता है तो लोगों के स्वास्थ्य के लिए ज्यादा घातक साबित होगा।
बता दें कि 19 अक्तूबर को प्रदूषण का स्तर महज 75 एक्यूआई था जो 27 अक्तूबर दिवाली के दिन 349 एक्यूआई तक पहुंच गया। मंगलवार को भी यह 347 एक्यूआई दर्ज किया गया। माना जा रहा है कि दिवाली समेत पिछले तीन-चार दिन बच्चों द्वारा बजाए पटाखों के कारण प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ा है। आसमान में छाई सफेद चादर तीन दिन तक रहने की उम्मीद है।
पीएम 2.5 और पीएम 10 में आई थोड़ी कमी : प्रदूषण में पार्टिकल पीएम 2.5 और पीएम 10 का अहम रोल होता है। दिवाली के अगले दिन पीएम 2.5 और पीएम 10 दोनों ही 500-500 दर्ज किए गए थे। मंगलवार को इनमें कुछ कमी देखी गई। पीएम 2.5 की मात्रा 436 और पीएम 10 की मात्रा अधिकतम 317 दर्ज की गई।
दिनभर यूं घटता-बढ़ता रहा प्रदूषण का स्तर
समय प्रदूषण (एक्यूआई)
सुबह आठ बजे 334
सुबह नौ बज 334
सुबह 10 बजे 333
सुबह 11 बजे 333
दोपहर 12 बजे 326
दोपहर 01 बजे 327
दोपहर 02 बजे 334
दोपहर बाद 03 बजे 341
शाम 04 बजे 347
दिवाली पर पटाखे चलाने के कारण प्रदूषण काफी बढ़ गया है। आज भी 347 एक्यूआई रहा। यह नुकसानदायक है। अगले दो-तीन दिन में इसके ठीक होने की उम्मीद है। हवा चलती है या हलकी बारिश होती है तो ये पार्टिकल चले जाएंगे। अगर लंबे समय तक ऐसा माहौल रहता है तो स्वास्थ्य के लिए ज्यादा नुकसानदायक है।
हरिश कुमार, एसडीओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
पटाखों के प्रदूषण के कारण आंखों में जलन की समस्या हो रही है तो इसके बचाव के लिए आंखों को साफ पानी से धोएं। जहां तक संभव हो चश्मा पहनकर ही बाहर निकलें। फिर भी यदि समस्या है तो नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह पर ही दवा का प्रयोग करें।
डॉ. हेमंत कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ