तोशाम। सरकार ने सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता पुरस्कार के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पुरस्कार देश के प्रथम गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति में स्थापित किया गया है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत के निर्माण में राज्यों के एकीकरण की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।
एसडीएम डॉ. अशवीर सिंह नैन ने बताया कि यह पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थानों को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामूहिकता को मजबूत करने के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया हो।
नामांकन के लिए देश का कोई भी नागरिक, संस्था अथवा सामाजिक संगठन पात्र है। धर्म, जाति, लिंग, जन्म स्थान, उम्र या पेशे के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। आवेदन गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन किए जा सकते हैं।
चयनित नामों की सिफारिश उच्चस्तरीय समिति करेगी, जिसके बाद विजेताओं को एक विशेष समारोह में राष्ट्रपति के हाथों प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किए जाएंगे।
एसडीएम ने राष्ट्रीय एकीकरण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं और संगठनों से नामांकन के लिए आह्वान किया। सरकार ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर यह पुरस्कार शुरू किया है। यह पुरस्कार विशिष्ट और प्रेरणादायक व्यक्तियों को पहचान प्रदान करता है, ताकि राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बढ़ावा दिया जा सके। मजबूत और एकजुट भारत के महत्व पर बल दिया जा सके।
सभी भारतीय नागरिक और संगठन इसके लिए पात्र हैं। सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता पुरस्कार के आवेदन के लिए और अन्य अधिक जानकारी के लिए इच्छुक नागरिक ऑनलाइन प्लेटफार्म प्रणाली के जरिये गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर विजिट करें।
नामांकन केवल आधिकारिक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल awards.gov.in के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। नामांकन की विंडो एक जून से 31 जुलाई तक खुली रहेगी। नामांकन में पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप के अनुसार सभी प्रासंगिक जानकारी शामिल होनी चाहिए।