भिवानी। जिले में गर्मी की तपिश, बारिश और धूलभरी आंधियों के बीच फैल रहे वायरल संक्रमण के कारण लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि मौजूदा वायरल बुखार के मामलों में एंटीबायोटिक दवाओं का असर भी कम दिखाई दे रहा है और मरीजों को ठीक होने में 14 से 15 दिन का समय लग रहा है। चिकित्सकों के अनुसार कोविड के बाद पहली बार ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है।
ऐसे में चिकित्स बदलते मौसम के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग जून माह को मलेरिया रोधी माह के रूप में मना रहा है। इसके तहत घर-घर जाकर लारवा की जांच की जा रही है। उप सिविल सर्जन डॉ. राकेश खटक ने बताया कि मच्छर जनित बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर जांच कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुखार से पीड़ित मरीजों की ब्लड स्लाइड तैयार कर रहे हैं तथा आमजन को मच्छर जनित बीमारियों के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की 14 टीमें तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 142 टीमें कार्यरत हैं। उन्होंने आमजन से स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता अभियान में सहयोग करने की अपील की है।
तालाबों में छोड़ी जा रहीं गंबूजिया मछली
डॉ. राकेश खटक ने बताया कि मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छर साफ एवं ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। यदि घर या आसपास कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल के खोल, टूटे हुए बर्तन या टायरों में पानी जमा हो तो उसकी नियमित सफाई करते रहना चाहिए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष अभियान के तहत गांवों के तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा रही है।
मलेरिया रोकथाम के लिए 20 स्वैच्छिक ब्रीडिंग चेकर के मांगे आवेदन
डॉ. राकेश खटक ने बताया कि शहरी क्षेत्र में मच्छर जनित बीमारियों की प्रभावी रोकथाम के लिए जिला भिवानी के मूल निवासियों से पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर 20 स्वैच्छिक ब्रीडिंग चेकर के आवेदन मांगे गए हैं। चयनित व्यक्तियों को महीने में 20 दिन के कार्य के लिए 586 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जाएगा। इनका कार्यकाल नवंबर 2026 तक रहेगा। आवेदकों के लिए विभागीय शर्तों के अनुसार न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास निर्धारित की गई है। साथ ही उन्हें हिंदी भाषा का ज्ञान होना चाहिए तथा पढ़ने-लिखने में सक्षम होने के साथ शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। सभी इच्छुक अभ्यर्थी 17 जून को शाम पांच बजे तक अपने आवेदन उप सिविल सर्जन भिवानी की सरकारी ई-मेल आईडी dhs.idspbhwhry.nic.in पर भेज सकते हैं। इसके अलावा 18 जून को सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक अपने सभी मूल दस्तावेजों सहित कार्यालय में उपस्थित होकर स्वैच्छिक आवेदन पत्र जमा करवा सकते हैं।
ओपीडी में रोज पहुंच रहे 25 बुखार के मरीज
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 25 बुखार के मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। मरीजों को ठीक होने में 14 से 15 दिन का समय लग रहा है। एक से दो एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करने के बाद भी बुखार का असर कम नहीं हो रहा है। इसके पीछे मौसम में बदलाव भी एक प्रमुख कारण हो सकता है। उन्होंने लोगों को मच्छरों से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने और अत्यधिक गर्मी में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी।
जिले में पिछले नौ वर्षों का रिकॉर्ड
वर्ष मलेरिया के मरीज डेंगू के मरीज चिकनगुनिया के मरीज
2018 70 50 0
2019 03 13 0
2020 01 49 0
2021 00 356 0
2022 01 123 0
2023 01 278 0
2024 01 175 4
2025 03 30 0
2026 00 00 0
स्वास्थ्य विभाग ने अब तक चलाया अभियान
शहरी क्षेत्र में घर कवर : 74092
ग्रामीण क्षेत्र में घर कवर : 1125506
रेपिड फीवर मास सर्वे : 1199598
शहरी क्षेत्र में ब्लड स्लाइड : 5074
ग्रामीण क्षेत्र में ब्लड स्लाइड : 30413
जिले में कुल ब्लड स्लाइड : 35487
कंटेनर जांच : 1405647
पॉजिटिव कंटेनर : 504