बवानीखेड़ा। गांव बलियाली के किसान अनूप शर्मा ने आठ वर्ष पहले परंपरागत खेती को छोड़कर आर्गेनिक खेती अपनाई और दो एकड़ में प्राकृतिक तरीके से फसल उगाकर अच्छा मुनाफा कमाया। वह खरीफ सीजन में सरसों, गेहूं, मेथी और चने की फसल उगाते हैं जिसमें किसी प्रकार के रासायनिक उर्वरक या खाद का प्रयोग नहीं करते। आर्गेनिक फसलों के चलते उन्हें अच्छे भाव और बेहतर पैदावार मिलती है।
अनूप शर्मा रबी सीजन में मूंग, मौठ, सोयाबीन और बाजरे की भी अच्छी पैदावार करते हैं। उन्होंने बताया कि वह उन्नत किस्म के बीजों का उपयोग करते हैं। उनकी तोशाम मार्ग पर 20 एकड़ जमीन है जिसे दो भाइयों में बांटा गया है और उनके हिस्से में 10 एकड़ आती है। इसी में से दो एकड़ में वे आर्गेनिक खेती करते हैं। रासायनिक खादों से खराब हो रही भूमि की उर्वरता को देख अनूप शर्मा ने आर्गेनिक खेती को अपनाया।
हालांकि इस बार बलियाली माइनर के बार-बार टूटने के कारण खेतों में पानी जमा हो गया और इससे फसलों को नुकसान भी हुआ। बावजूद इसके अनूप शर्मा की खेती सफल रही और उन्हें हिसार में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सम्मानित भी किया गया।