कस्बा लोहारू के सुखदेव सिंह का बास में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ निगलने से मौत हो गई। मृतक महिला के पिता ने बेटी की हत्या की आशंका जताते हुए ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने के आरोप लगाए। पिता ने दामाद द्वारा 10 लाख रुपये की मांग पूरी नहीं किए जाने पर उसकी बेटी की हत्या किए जाने के आरोप लगाए। जिसके बाद लोहारू पुलिस थाने में आरोपी पति व सास ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज हुआ।
राजस्थान के जोधपुर शहर निवासी मोहन सिंह ने लोहारू पुलिस थाने में दी शिकायत में बताया कि वह आबकारी विभाग में बतौर सिपाही कार्यरत है। उसकी 29 वर्षीय बेटी सुनीता कंवर की शादी 28 नवंबर 2013 को लोहारू की सुखदेव सिंह का बास वासी प्रविंद्र के साथ की थी। उसकी बेटी सुनीता कंवर मान सरोवर कॉलोनी साकेत अस्पताल जयपुर में एएनएम पद पर कार्य करती थी। जिसने जनवरी 2020 में नौकरी छोड़ दी थी। जबकि उसकी पांच साल की दोहती भी उसी के पास जोधपुर में रहती थी। उसकी बेटी सुनीता 24 जनवरी को अपनी पांच साल की बेटी को लेकर अपनी ससुराल लोहारू गई थी। लेकिन 27 जनवरी की सुबह दस बजे उसकी बेटी के ससुर राजेंद्र सिंह का फोन आया कि उसकी लड़की ने जहरीला पदार्थ निगल लिया है। जिनको इलाके लिए अस्पताल गए हैं। लेकिन थोड़ी देर बाद ही उसके पास फिर फोन आया कि उसकी बेटी की मौत हो चुकी है। मोहन सिंह ने लोहारू पुलिस थाने में दी शिकायत में आरोप लगाया कि उसने अपनी बेटी की शादी के समय तीन लाख 11 हजार रुपये नकद के साथ साथ 30 तोले सोने व चांदी के आभूषण दिए थे। इसके बावजूद भी उसकी बेटी को ससुराल में दहेज के लिए तंग किया जाता था। कई बार तो उसने भी समझाया था, लेकिन उसकी बेटी के साथ आरोपी मारपीट करने से बाज नहीं आए। जनवरी माह में उसके दामाद प्रविंद्र ने उससे दस लाख रुपये की मांग की थी, जो वह पूरी नहीं कर पाया था। इसी के बाद 27 जनवरी को सभी ससुराल वालों ने मिलकर उसकी बेटी को जबरन जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या कर दी।
लोहारू पुलिस थाने के जांच अधिकारी एचसी प्रवीन कुमार ने बताया कि मृतका महिला सुनीता के पिता मोहन सिंह की शिकायत पर आरोपी प्रविंद्र व सास-ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस ने शव का रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम कराया है। वहीं पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।