हरियाणा के भिवानी में 38वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में कारीरूपा के महंत का घोड़ा अव्वल रहा तो असावरी के प्रद्युम्न का घोड़ा द्वितीय रहा। दादूपुर के सतबीर की हरियाणा नस्ल गाय ने बाजी मारी और प्रथम रही। पशुधन प्रदर्शनी में प्रतिदिन अलग-अलग नस्ल के पशुओं की प्रतियोगिताओं में पशुपालकों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
प्रतियोगिताओं में दो से चार दांत अश्व श्रेणी में दादरी जिला के गांव कारीरूपा के महंत के अश्व ने प्रथम, गांव असावरी जिला चरखी दादरी निवासी प्रद्युम्न के अश्व ने द्वितीय और बालसमंद जिला हिसार निवासी पवन के अश्व ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार करनाल जिले के दादूपुर खुर्द निवासी सतबीर सिंह की साहीवाल नस्ल की दुधारू गाय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार करनाल जिले के तरावड़ी निवासी अनुज कुमार की गाय ने द्वितीय व तरावड़ी के ही निवासी नवदीप की गाय ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
भैंसों की हरियाणा नस्ल के प्रजनन योग्य नर में पानीपत के नरेंद्र के झोटे ने प्रथम स्थान, मोखरा निवासी कृष्ण कुमार के झोटे ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार साहीवाल प्रजनन योग्य सांड श्रेणी में तरावड़ी निवासी नवदीप का सांड़ प्रथम, जिला पानीपत के गांव डिडवानी निवासी नरेंद्र का सांड़ दूसरे स्थान पर व रोहतक जिले के गांव कन्हेली निवासी युवराज खुराना के सांड़ ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
झज्जर के सतबीर की हरियाणा नस्ल गाय रही प्रथम
प्रदर्शनी में हरियाणा नस्ल की दुधारू गाय श्रेणी में झज्जर जिले के गांव खरमाण निवासी सतबीर की गाय प्रथम, गांव दादूपुर खुर्द जिला करनाल निवासी राजबीर की गाय द्वितीय और गांव अखेड़ी मदनपुर जिला झज्जर की गाय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार साहीवाल गाय दो से चार दांत श्रेणी में जिला झज्जर निवासी अशोक की गाय ने प्रथम, बादली निवासी कुलबीर की गाय ने द्वितीय व रोहतक निवासी युवराज खुराना की गाय ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
साहीवाल में करनाल के वासुदेव की गाय रही अव्वल
प्रदर्शनी में साहीवाल गाय शुष्क श्रेणी में गांव दादूपुर खुर्द जिला करनाल निवासी वासुदेव की गाय ने पहला, गिल्लाखेड़ा निवासी जितेंद्र सिंह की गाय ने दूसरा व तरावड़ी से आई गाय ने तीसरा स्थान हासिल किया। हरियाणा श्रेणी की दुधारू गाय में गांव खरमाण जिला झज्जर निवासी सत्यवीर की गाय ने प्रथम, गावं दादूपुर जिला करनाल निवासी राजबीर सिंह की गाय ने द्वितीय व गांव अकेड़ी मदनपुर जिला झज्जर निवासी प्रदीप की गाय तीसरे स्थान पर रही। इसी प्रकार भैंस की मुर्राह झोटी दो से चार दांत श्रेणी में गांव जैनावास जिला महेंद्रगढ़ निवासी विरेंद्र कुमार की झोटी प्रथम, गांव सुनारिया कलां जिला रोहतक निवासी राजकरण की झोटी द्वितीय व गांव श्यामसुख जिला हिसार निवासी राजेश कुमार की झोटी तीसरे स्थान पर रही।
रसूलपुर का गधा रहा प्रथम
प्रदर्शनी में गधा श्रेणी में गांव रसूलपुर जिला करनाल निवासी मोहम्मद हसन का गधा प्रथम, भिवानी जिले के गांव तिगड़ाना निवासी अमरदास का गधा द्वितीय व गांव जैनपुर सधान जिला करनाल निवासी अशन मोहम्मद का गधा तीसरे स्थान पर रहा। इसी प्रकार गधी श्रेणी में गांव जैनपुर सधान जिला करनाल निवासी रजवान की गधी ने दूसरा व गांव जैनपुर सधान के ही रजवान अली की गधी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। सुकर के तीन शावकों की श्रेणी में केवल सांत्वना पुरस्कार दिये गये जो भिवानी के रवि को प्राप्त हुए। इसी प्रकार वयस्क सुकर श्रेणी में भी केवल सांत्वना पुरस्कार दिये गए, जो कि गांव कन्हेड़ी जिला रेवाड़ी निवासी नरेश को व गांव सूई जिला भिवानी निवासी सूरज को प्राप्त हुए। संकर नस्ल की दुधारू गाय श्रेणी में महेंद्रगढ़ जिले के गांव गुढ़ा निवासी श्रीमती नीतू की गाय ने प्रथम व तृतीय तथा गांव दादूपुर खुर्द जिला करनाल निवासी सतबीर की गाय ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार हरियाणा गाय दो से चार दांत श्रेणी में हिसार जिला के गांव कुतुबपुर निवासी पवन की गाय ने प्रथम, गांव बछोड़ जिला महेंद्रगढ़ निवासी हनुमान की गाय ने द्वितीय व गांव गोकलपुरा जिला भिवानी निवासी कृष्ण की गाय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। शुष्क हरियाणा गाय श्रेणी में झज्झर जिले के गांव गवालिसन निवासी ब्रह्मप्रकाश की गाय प्रथम, भिवानी जिले के गांव पुर निवासी की गाय दूसरे व गांव भैणी ठाकरान जिला भिवानी निवासी विक्रम की गाय तीसरे स्थान पर रही।
आज शिक्षा बोर्ड और पशु प्रदर्शनी में पहुंचेंगे मुख्यमंत्री
तीन दिवसीय पशु प्रदर्शनी के अंतिम दिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे और विजेताओं को सम्मानित करेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परिसर में होने वाले कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। यहां सुबह 10 बजे का कार्यक्रम है। जहां बोर्ड के स्वर्ण जयंती द्वार का उद्घाटन, अटल बहुउद्देश्यीय सभागार का भूमि पूजन एवं वार्षिक अलंकरण समारोह होगा। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सुबह साढे़ 11 बजे मुख्यमंत्री एस्ट्रोनोलॉजी लैब का शुभारंभ करेंगे। यहां के बाद सेठ किरोड़ीमल मॉडल संस्कृति राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में लैब का शुभारंभ करेंगे। यहां के बाद मुख्यमंत्री पशु प्रदर्शनी में शिरकत करेंगे।
म्हारी देसी गाय भी कमाल, मालिकों को कर रही मालामाल
पशु प्रदर्शनी में भले ही मुर्राह नस्ल के झोटों और शानदार घोड़ों का दबदबा हो, मगर इन सबके बीच म्हारी हरियाणा देसी गाय भी कमाल दिखा रही है। ये देसी गाय न केवल कमाल दिखा रही है, बल्कि अपने मालिकों को भी मालामाल कर रही है। बेशक इनकी कीमत लाखों में है, बावजूद इसके इनके मालिकों की नजर में यह अनमोल है। लाखों कीमत लगने के बावजूद पशु पालक इनको बेचने को तैयार नहीं।
खास बात यह है कि डेयरी संचालकों, सामान्य पशुपालकों के अलावा गोशालाओं और डेरों से भी गाय पशु प्रदर्शनी में पहुंचे है और इनका रंग, कद काठी देख हर कोई हैरान है। देसी गायों की खास बात यह भी है कि पशुपालक इन्हें सिर्फ साधारण चारा खल, चना चूरी खिला रहे हैं। देसी के साथ साहीवाल गाय भी सबके आकर्षण का केंद्र रही। इनाम जीतकर हरियाणा देसी गाय अपने मालिकों को मालामाल कर रही है।
संसार सिंह की देसी गाय 14 लीटर दूध देकर कर रही कमाल
हिसार के गांव राखी शाहपुर से पशु प्रदर्शनी में पहुंचे संसार सिंह की देसी गाय भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी है। संसार सिंह बताते है कि उनकी यह गाय 14 लीटर से अधिक दूध देती है। साढ़े तीन साल की उसकी इस गाय के लिए काफी कीमत लगी मगर वे इसे बेचना नहीं चाहते। खाने में वह गाय को खल, चना, चूरी आदि खिलाते हैं। संसार सिंह बताते है कि पशुओं ने उसकों अलग ही पहचान दिलाई है। उसकी मुर्राह नस्ल की भैंस को दो लाख रुपये में लाया था, मगर कुछ ही दिन में उसके चार लाख रुपये कीमत लग चुकी है।
पापड़ा गोशाला की गाय ने मन मोहा
हिसार के पृथ्वीनाथ गोशाला पापड़ा से आई देसी गाय भी अपनी कद काठी, दूध के साथ-साथ छोटी बछिया के कारण सबके आकर्षण का केंद्र रही। महज चार दिन की बछिया के साथ मेले में पहुंची देसी गाय फिलहाल करीब 13 किलो दूध दे रही है और अगले कुछ दिनों में दूध की मात्रा 17 से 18 किलो प्रति दिन तक पहुंचने की संभावनाएं है। गोशाला से आए मैनेजर आजाद राणा ने बताया कि गाय दूसरी बार बयाई है और पहले जब बयाई थी तो 16 किलो से अधिक दूध देती थी। अब उससे ज्यादा दूध होने की उम्मीद है।
दुनिया मान रही म्हारे पशुधन का लोहा, पशुपालक प्रदेश को बना सकते हैं आर्थिक तौर पर समृद्ध : धनखड़
म्हारे पशुधन का लोहा पूरी दुनिया मानती है। पशुपालक अच्छी नस्ल की गाय, भैंस, सांड़, झोटे तैयार कर प्रदेश को दूध उत्पादन के साथ-साथ आर्थिक तौर पर समृद्ध बना सकते हैं। हमारे किसान मेहनती तो हैं ही। साथ में अपने उत्पाद को बेचना और नई-नई तकनीक सीख लें तो विकसित देशों को पीछे छोड़ सकते हैं। शनिवार को 38 वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने उक्त शब्द कहे।
दूसरे दिन प्रदर्शनी में शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर, बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला भी पहुंचे और किसानों, पशुपालकों को संबोधित कर उनका हौसला बढ़ाया। साथ ही पशुपालन में नई तकनीकों से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूर करने के लिए प्रेरित किया।