हलकी बरसात होते ही मच्छर का डंक कहर बरपाने लगा है। हर रोज एक मलेरिया पॉजीटिव मरीज सामने आ रहा है। मई माह के 31 दिनों में 32 मरीज मलेरिया पीड़ित सामने आए। इस वर्ष अब तक कुल 63 मलेरिया मरीज सामने आ चुके हैं। यह तो सरकारी आंकड़ा है। अधिकतर मरीज प्राइवेट अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में यह संख्या दोगुने तक पहुंच सकती है। मलेरिया पीड़ितों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। विभाग अब कुछ गांवों में स्प्रे कराने की तैयारी में है।
धनाना-भिवानी में गंभीर है हालात
सरकारी रिकार्ड के अनुसार, सामने आए 63 मलेरिया पॉजीटिव मरीजों में 24 धनाना गांव, 20 भिवानी के हैं। ऐसे में दोनों ही क्षेत्रों में हालत गंभीर बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने पांच मलेरिया संवेधनशील क्षेत्र चुने है। इनमें धनाना, भिवानी के अलावा मानहेरु, बौंद, मानकवास गांव शामिल है। इनमें जल्द ही स्प्रे का अभियान शुरू किया जाएगा। वर्ष 2013 के शुरुआती पांच माह में मलेरिया के 54 पॉजीटिव केस सामने आए थे। मगर इस बार पांच माह में ही 63 मलेरिया पॉजीटिव केस सामने आ चुके है। जिससे साफ है कि इस बार स्थिति पहले से गंभीर है।
कहीं बन न जाए 2011 जैसे हालात
मादा एनाफलीज मच्छर से फैलने वाली मलेरिया बीमारी कई दफा हालत गंभीर होने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है। जिस तेजी से मलेरिया पॉजीटिव केसों की संख्या बढ़ रही है उतनी ही विभाग अधिकारियों की चिंता। सभी को चिंता सता रही है कि कही 2011 जैसे हालात न बन जाए। उस समय एक वर्ष में ही मलेरिया के 3661 केस पॉजीटिव पाए गए थे। अक्सर गांवों में मलेरिया के ज्यादा केस मिलते है, मगर इस दफा शहर भी इसकी चपेट में है।
मलेरिया से बचना है तो खुद होना होगा अलर्ट
अनेक क्षेत्रों में मच्छरों की रोकथाम या मच्छर को खत्म करने में स्वास्थ्य विभाग भी लाचार है। स्वास्थ्य विभाग जहां अधिक मच्छर वहां तो गंबूजिया मछली से मच्छर का लारवा खत्म कर रहा है ताकि मच्छर ना पनप सके मगर अनेक ऐसे क्षेत्र है जहां गंबूजिया मछली छोड़ना संभव नहीं। वहां मच्छरों की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग भी नाकाम है। विभाग की माने तो फोगिंग भी मच्छरों की रोकथाम में पूरी तरह कारगर नहीं है। नियमित स्प्रे पर रोक है। जिससे मच्छरों को खत्म किया जा सकता है। ऐसे में अगर मलेरिया से बचाव करना है और मच्छरों की रोकथाम करनी है तो लोगों को स्वयं ही अलर्ट होना होगा।
मलेरिया के लक्षण::
- तेज बुखार होना
- तेज सिर दर्द होना
- अचानक सर्दी लगकर तेज बुखार होना और फिर उतर जाना, बार बार बुखार होना
- कमजोरी महसूस होना
बचाव के उपाय :
- मलेरिया रोगी का तुरंत चिकित्सक से उपचार कराना चाहिए
- घर के आसपास खाली कूलर, मटकाें, खराब टंकी, नालियों में पानी न ठहरने दें
- यदि मकान के आसपास कही पानी जमा है तो उसमें मिट्टी का तेल, खराब मोबिल, काला तेल डालना चाहिए
- घर में मच्छरों की रोकथाम के मच्छर मारने या भगाने की दवाइयों का प्रयोग करना चाहिए
कब कितने आए मलेरिया केस
वर्ष मलेरिया केस
2005 1615
2006 1844
2007 2374
2008 2660
2009 2707
2010 1335
2011 3661
2012 2602
2013 953
2014 63
(जनवरी से 01 मई तक)