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Bhiwani News: टूटे सीवर मैनहोल दुरुस्त करने के लिए अमृत टू का अधिकारी कर रहे इंतजार

Mon, 03 Feb 2025 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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नागरिक अस्पताल के सामने सरकुलर रोड पर धंसा सीवर। 
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भिवानी। शहर के अंदर टूटे और मुख्य सड़क से नीचे सीवर मैनहोल को दुरुस्त कराने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अमृत द्वितीय के बजट का इंतजार कर रहा है। जबकि सड़क से नीचे सीवर मैनहोल की वजह से शहरवासी वाहन चलाते समय हिचकोले खा रहे हैं।
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मुख्य सड़कों के बीचोंबीच बने मैन सीवर लाइन के मैनहोल के ढक्कन भी एक से डेढ़ फीट नीचे हैं। जिनकी वजह से आम जनता को परेशानी हो रही है वहीं संबंधित विभाग भी इन्हें दुरुस्त कराने में अपनी ही मजबूरी जता रहे हैं। वहीं शहरवासियों का कहना है कि संबंधित विभागों के पास शिकायतें की, प्रशासन से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ है।

शहर का सरकुलर रोड दो हिस्सों में बटा है। इसमें आधा सरकुलर रोड तो दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे के हिस्से आ गया है, जबकि आधा सरकुलर रोड पीडब्ल्यूडी विभाग के दायरे में है। सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी इन दोनों संबंधित विभागों की है। सरकुलर रोड के बीचोंबीच ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की करीब 28 फीट गहरी मुख्य सीवर लाइन है जो ढाणा रोड और देवसर चुंगी के मैन डिस्पोजल से जुड़ी है। सड़क से करीब एक से डेढ़ फीट नीचे हैं। जिनकी संख्या भी करीब 25 से अधिक है। इसी तरह शहर के अन्य हिस्सों में भी सीवर मैनहोल क्षतिग्रस्त है या फिर सड़कों से नीचे हैं। जिन पर दुपहिया वाहन चालक हिचकोले खा रहे हैं। कुछ हिस्से में सीवर मैनहोल का रखरखाव नगर परिषद भी करा रही है। उनकी भी यही समस्या है।
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अमृत द्वितीय में होने हैं शहर के अंदर ये काम
अमृत द्वितीय के तहत शहर के अंदर करीब 98 किमी दायरे में 233 करोड़ के बजट से पेयजल लाइनों का काम होना है जबकि करीब 22 किमी दायरे में 98 करोड़ के बजट से सीवर लाइन डाली जानी है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी सीवर और पेयजल समस्या से जुड़े बड़े कार्यों को अमृत द्वितीय चरण के बजट में शामिल कर रहे हैं, जिसके बजट को अभी मंजूरी नहीं मिली है। इन्हीं के तहत जलघरों में पंपिंग क्षमता बढ़ाना, बूस्टर निर्माण, पानी और सीवर लाइन डालने का काम होना है।

कई बार हादसा होते बचे हैं
शहर के सरकुलर रोड पर मुख्य सड़क से सीवर मैनहोल काफी नीचे हैं। स्कूटी चलाकर घर से दुकान पर जाते समय कई बार इनकी वजह से हादसा होने से बचे हैं। सड़कों की हालत पहले से ही खस्ता है, लेकिन नीचे सीवर के अचानक नजदीक आने पर ही पता चलता है। इस दौरान अगर थोड़ा सा भी वाहन पर से संतुलन खो दिया तो फिर खैर नहीं। मेरा तो प्रशासन से अनुरोध है कि इस समस्या का तत्परता से समाधान कराएं।
-अंजना महिला दुकानदार।

मुख्य सड़कों पर सीवर मैनहोल क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में वाहन चालक इनसे टकराकर गिर जाता है। कई बार हमने भी हादसा होने पर काफी लोगों को संभाला है। इस समस्या का समाधान जरूरी है। प्रशासन सड़क पर सुरक्षित यातायात की बात तो करता है, लेकिन उसके लिए जरूरी कदम नहीं उठाता। यही वजह है कि जनता परेशानी झेलती है।
-ललित मोदी, शहरवासी

सड़कों के बीचोंबीच ही शहर की मुख्य सीवर लाइन डाली गई है। ये लाइन शहर विकसित होने के साथ ही डाली गई थी। हर तीन या पांच साल बाद विभाग सड़क बना देता है। लेकिन नीचे पड़े सीवर मैनहोल को दुरुस्त नहीं कराता। इस वजह से ये सीवर मैनहोल वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हैं।
-बांके बिहारी गोयल, शहरवासी।

प्रशासन को काफी शिकायतें करते हैं, लेकिन उन पर अधिकारी केवल आश्वासन ही देते हैं। कई बार अधिकारी मौका भी देख जाते हैं, लेकिन समाधान नहीं करते हैं। यह रवैया आम जनता के लिए दिक्कत बढ़ा देता है। सीवर मैनहोल नीचे होना काफी बड़ी समस्या है, लेकिन कई सालों से प्रशासन व संबंधित विभाग का कोई ध्यान ही नहीं है।
-सुनील कुमार शहरवासी।

शहर के जिन हिस्सों में सीवर मैनहोल नीचे हैं, उनका एस्टीमेट अमृत द्वितीय चरण के कार्यों में डाला गया है। क्योंकि सीवरेज समस्या से जो भी जुड़े बड़े काम होने हैं, उनका बजट मंजूरी का मसौदा मुख्यालय भेजा हुआ है। जिस पर सरकार की मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। जिन हिस्सों में सीवर मैनहोल ढक्कन टूटे हैं या खुले पड़े हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जा रहा है।
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-सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
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