मदद के लिए बढ़े हाथों से कारवां जुड़ता चला गया। अब ये कारवां जरूरतमंदों के साथ साथ हजारों प्रवासी मजदूरों के लिए भी इस संकट की घड़ी में वरदान साबित हो रहा है। अमर उजाला फाउंडेशन के साथ जनकल्याण ट्रस्ट कोलकाता, हलवासिया विद्या विहार स्कूल और स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन की मुहिम लॉकडाउन में लगातार 19 दिनों से हजारों जरूरतमंदों तक खाने के पैकेट पहुंचाने का जनसेवी प्रकल्प को बखूबी निभा रही है।
जनकल्याण ट्रस्ट कोलकाता एवं हलवासिया विद्या विहार विद्यालय के प्रबंधक शिवशंकर कसेरा और स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने बताया कि जब से लॉकडाउन लगा है, तभी से हलवासिया विद्या विहार स्कूल में सांझी रसोई चल रही है। रोजाना ही सांझी रसोई में करीब 1500 जरूरतमंदों और प्रवासी मजदूरों के लिए खाना तैयार किया जाता है। तैयार खाने को शहर के सिटी स्टेशन रोड, बैंक कॉलोनी, नया बस स्टैंड, औद्योगिक क्षेत्र के आसपास के इलाके में बांटा जाता है।
शिवशंकर कसेरा और बृजपाल परमार ने बताया कि उनके जीवन में पहली बार ऐसा मौका आया है जब लोग अपने ही घरों के अंदर 21 दिनों तक नजरबंद होकर रह गए। इस संकट के दौर में रोजाना दिहाड़ी मजदूरी और दूसरे प्रदेशों से आकर मजदूरी करने वाले परिवारों की मुश्किलें कितनी बढ़ गई हैं, जब उन्हें इस बात का अहसास हुआ तो निजी बजट से सांझी रसोई चलाई। अब लॉकडाउन के लगातार 19 दिनों से ये सांझी रसोई गरीबों की भूख मिटाती आ रही है। बृजपाल परमार ने बताया कि खाना वितरण में करीब 50 वालंटियर्स अपनी भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन फिर भी सोशल डिस्टेंस मेनटेंन करने के लिए पुलिस को ही मोर्चा संभालना पड़ता है।
कसेरा ने बताया कि रोजाना हजारों प्रवासी मजदूरों को खाना वितरण कराने में पुलिस प्रशासन का अहम योगदान है। संस्था और पुलिस के सांझे प्रयासों से ही हजारों मजदूरों का पलायन अब तक रोक पाने में कामयाब रहे हैं। इस कार्य में क्वारंटीन सेंटर के सुरक्षा इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव, हलवासिया विद्या विहार विद्यालय के प्राचार्य गोपालनंद कौशिक, डॉ. लखनलाल बुंदेला, अविनाश सुरेखा, कृष्ण कसेरा, राजेश रंगा, मास्टर अजीत सिंह, सुरेंद्र अग्रवाल, अजय गुप्ता, सुमित गुप्ता, बबलू, विपिन मित्तल, हिमांशु गुप्ता, नवीन अग्रवाल, नंबरदार एसोसिएशन के प्रधान इंद्रपाल सिंह कालू नंबरदार, विजय, अमित सिंह परमार, किशनलाल,अनिल डिपो होल्डर, नत्थूराम सैनी, विजय शर्मा, रामपाल टायरवाला वालंटियर्स के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं।