जूई। नहरों में पानी न आने से जूई और आसपास के कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। जलघरों के टैंक खाली पड़े हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी बोरवेल के सहारे ग्रामीणों की प्यास बुझाने के प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीण टैंकरों से पानी लाकर प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग के बोरवेल का पानी पीने लायक नहीं है। ये पानी पीने से लोगों को उल्टी और दस्त के शिकार हो रहे हैं। नहरों में पानी कम आने से गांवों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने नहर में जल्द पानी भेजकर पानी की आपूर्ति ज्यादा समय तक करने की मांग की है।
जूई नहर है पेयजल का मुख्य स्रोत
भिवानी जिले के लिए जूई नहर पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्रोत है। पूरे जिले की पेयजल आपूर्ति इसी नहर से होती है लेकिन नहर में पानी आने में लंबा समय बीत जाता है जिससे जलघरों में जमा पानी खत्म हो जाता है। लोगों की प्यास बुझाने के लिए सभी जलघरों में जनस्वास्थ्य विभाग ने बोर करवाए हैं। उन्हीं से पानी की आपूर्ति कर प्यास बुझाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन जमीनी पानी का टीडीएस स्तर बहुत ज्यादा होने की वजह से ये पानी पीने लायक नहीं होता।
हालात ये है कि कपड़े धोते समय साबुन भी फट जाता है। संदीप मेचु, मुख्तयार रापड़िया, प्रवीण सेठ, राजबीर रापड़िया, रामफल बागड़ू, सूबेदार रामचंद्र, विनोद जांगड़ा, सुमित रापड़िया, राजेश लाम्बा आदि ग्रामीणों ने बताया कि बोरवेल का पानी पीने से उल्टी-दस्त का शिकार होना पड़ रहा है। पीने के लिए दूसरी जगहों से टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जूई नहर में हर माह 10 दिन आपूर्ति करने की मांग की है ताकि गर्मी में पेयजल की किल्लत दूर हो सके।
पानी आपूर्ति सुचारू रूप से करने का प्रयास किया जा रहा : आशीष
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई आशीष लेघां ने बताया कि जूई कलां और जूई खुर्द जलघर के टैंकों में पानी कम रह गया है। फिर भी बोरवेल से पानी की समय पर आपूर्ति की जा रही है। हर में पानी आते ही पेयजल आपूर्ति बढ़ाई जाएगी।
नहर में जल्द ही पानी आने की संभावना है : बजरंग
जूई नहर के एसडीओ बजरंग ने बताया कि जूई नहर में पानी जल्द आने की उम्मीद है। पानी आते ही जलघरों और जोहड़ों को प्राथमिकता से भरा जाएगा। ग्रामीणों से भी अपील है कि वह पानी का सदुपयोग करें और गर्मी में घरों, दुकानों के आगे पेयजल का छिड़काव न करें।