प्रदूषण के स्तर में सोमवार को थोड़ी कमी आई मगर यह अभी भी बेहद खतरनाक स्तर पर है। सोमवार को एक्यूआई 384 दर्ज किया गया। लगातार नौंवे दिन खतरनाक स्तर पर रहे प्रदूषण का लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। आंखों में जलन और नाक में खुजली, छींक के बाद अब इंफेक्शन फैलने से लोग परेशान हैं। दमा के मरीजों के लिए जहां प्रदूषण आफत बन रहा है। विशेषज्ञों की माने तो प्रदूषण का लगातार काफी दिनों तक रहना लोगों के स्वास्थ्य के लिए ज्यादा हानिकारक साबित हो रहा है। हालांकि स्मॉग की चादर सोमवार को कम रही और दोपहर के समय धूप खिली। जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है।
आंखों और गले में इंफेक्शन, छाती में दर्द, लोग परेशान : प्रदूषण के शुरूआती स्तर में पिछले तीन-चार दिन से लोग आंखों में जलन, गले में दर्द, नाक में एलर्जी की समस्या से जूझ रहे थे। अब यह समस्या बढ़ गई है। अब आंखों में एलर्जी के साथ इंफेक्शन, लोगों खासकर बच्चों में छाती में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, गले में इंफेक्शन के मरीज बढ़ गए हैं। ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में भी इलाज के लिए मरीज पहुंच रहे हैं। कुछ बच्चों और बुजुर्गों को इतनी समस्या है कि उन्हें उपचार के लिए वार्डों में भर्ती किया गया है। चिकित्सकों ने बच्चों का विशेष ख्याल रखने, बच्चों को घर में रखने और मैदान में खेलने नहीं जाने देने की सलाह दी है।
सामान्य अस्पताल में सहायक नेत्र रोग विशेषज्ञ हरजीत सिंह ने कहा कि स्मॉग के कारण ही आंखों में परेशानी हो रही है। आंखों में जलन, एलर्जी और इंफेक्शन के केस काफी बढ़ गए हैं। अब आंखों में इंफेक्शन के केस ज्यादा सामने आ रहे हैं। ऐसे में सभी को सलाह है कि घर से बाहर जब तक जरूरत न हो न निकले। निकलना पड़े तो कोई चश्मा लगाकर ही निकले। आंखों को ठंडे पानी से धोये।
पीएम 2.5 और पीएम 10 में आई कमी : प्रदूषण के पार्टिकल पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा पिछले तीन दिन से लगातार पांच सौ के पार थी। दृश्यता भी कम थी और स्मॉग की चादर छाई हुई थी। सोमवार को इसमें कमी आई। पीएम 2.5 की मात्रा अधिकतम 442 दर्ज की गई तो पीएम 10 की मात्रा 388 दर्ज की गई।
प्रदूषण का बढ़ा स्तर बेहद खतरनाक है। अब जैसा प्रदूषण का माहौल बना हुआ है, वह 20 सिगरेट पीने के समान है। बच्चों और दमा मरीजों के लिए यह ज्यादा नुकसानदायक साबित हो रहा है। अब ओपीडी के बाद इमरजेंसी में बच्चे पहुंच रहे हैं। जिन्हें सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द, आंखों में जलन जैसी समस्याएं रहती है। बच्चों को घर से बाहर न निकाले। बाहर जाना भी पड़े तो मुंह पर मास्क लगाए।
- डॉ. राज महता, बाल रोग विशेषज्ञ
प्रदूषण के कण सांस के साथ अंदर जा रहे हैं। नाक से सांस लेते हैं तो प्रदूषण के कारण नाक में खुजली, एलर्जी और इंफेक्शन बढ़ रहा है। छींके ज्यादा आती है और जुकाम बन रहा है। इसी कारण बलगम बनता है और गले में इंफेक्शन होता है। ऐसे मरीजों की संख्या पिछले एक सप्ताह के दौरान बढ़ी है।
- डॉ. रूपेंद्र रंगा, ईएनटी स्पेशलिस्ट