भिवानी। शहर की प्रदूषित होती हवा लोगों की सेहत के लिए खतरा बनती जा रही है। लोगों का देर शाम घरों से बाहर निकला दूभर हो गया है। रविवार को भिवानी का प्रदूषण का स्तर 265 एक्यूआई दर्ज किया गया है। आए दिन सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन, दमा के मरीजों के मामले सामने आ रहे हैं। हवा खराब होने का मुख्य कारण पटाखे, आसपास के जिलों में पराली जलाना, शहर में जलाए जा रहे कचरे की ढेर माने जा रहे हैं। जिसके कारण शहर की हवा खराब हो गई है।
एक सप्ताह से लगातार बढ़ रहा प्रदूषण का स्तर
भिवानी में प्रदूषण का स्तर पिछले एक सप्ताह से लगातार बढ़ रहा है। लॉकडाउन और अनलॉक के दौरान जहां प्रदूषण का स्तर 50 से 100 एक्यूआई के बीच रहा, वहीं पिछले एक सप्ताह से यह 200 के पार है। पांच दिन पहले 222 एक्यूआई था। तीन दिन पहले 240, शुक्रवार को 269, शनिवार को 243 और रविवार को 265 एक्यूआई दर्ज किया गया।
पीएम-10 रहा 310
प्रदूषण का स्तर एक्यूआई में मापा जाता है। जिसमें मापने में पीएम 2.5 और पीएम 10 की अह्म भूमिका होती है। रविवार को भिवानी में पीएम 2.5 की मात्रा 100 और पीएम की मात्रा 310 आंकी गई है। इसके अलावा ओजोन 268 रही। जिसके कारण शहर की हवा सेहत के लिए हानिकारक हो गई है।
प्रदूषण का स्तर प्रभाव
0 से 50 अच्छा
51 से 100 संतोषजनक, सिर्फ संवेदनशील लोगों को ही सांस लेने में तकलीफ का खतरा
101 से 200 मध्यम, फेफड़ों, अस्थमा, हृदय रोगों का खतरा, सांस लेने में तकलीफ
201 से 300 खराब, ज्यादा समय रहने पर सांस लेने में तकलीफ, मरीजों को खतरा
301 से 400 बहुत खराब, लंबे समय तक रहने पर सांस की बीमारियों का खतरा
400 से 500 गंभीर, स्वस्थ लोगों को भी बीमार बना सकता है और बीमार के लिए घातक है।
वर्जन-
प्रदूषण का स्तर बढ़ना चिंता की बात है। प्रदूषण के कारण जहां सांस के मरीजों को परेशानी होती है, वहीं अधिक प्रदूषण के कारण सामान्य व्यक्ति को भी सांस लेने में तकलीफ होने लगी है। प्रदूषण के कारण आंखों में जलन, जुकाम, गले में दिक्कत भी होती है। इससे बचाव के लिए जहां तक संभव हो घर में रहे। आंखों को ठंडे पानी से धोये।
- डॉ. कृष्ण कुमार, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी