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Bhiwani News: वायु सेना के जवान और हरियाणा पुलिस की महिला कांस्टेबल की बिना दहेज होगी शादी

Tue, 30 Jan 2024 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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जूई। दहेज के लिए न जाने कितनी ही बेटियों को अपनी जान गंवानी पड़ी हैं, न जाने कितने ही बेटियों के मां-बाप सामाजिक जीवन में प्रताड़ना के शिकार हुए हैं। उम्र भर बेटी को दहेज देने के लिए प्रत्येक माता-पिता जीवन पर्यंत संघर्ष करते रहते हैं, लेकिन अक्सर बेटियों को ससुराल में ताने सहन करने पड़ते हैं। लेकिन जब एक बेटी के बाप को पता चले कि उसकी बेटी के ससुराल वाले बिना दहेज के खाली एक रुपया नारियल से शादी कर बेटी को अपना रहे हैं तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता।
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ऐसा ही कुछ हुआ है जूई में रामफल समोता के वायु सेना के जवान बेटे अशोक समोता के लग्न समारोह पर। जब झंझडा श्योराण के राजेंद्र सिंह अपनी बेटी का लग्न लेकर जूई पहुंचे। अपनी तरफ से उन्होंने लग्न की राशि और फर्नीचर व दहेज देना चाहा। अपने समधी को हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए रामफल समोता ने एक रुपया नारियल रख बाकी सारा सामान नहीं लेने की बात कही। संवाद
लड़का वायु सेना में सिपाही तो लड़की हरियाणा पुलिस में है सिपाही
जूई के अशोक समोता भारतीय वायुसेना में सिपाही है, जिसकी पोस्टिंग हैदराबाद में है। झांझडा श्योराण की बेटी मंजू हरियाणा पुलिस में हिसार में सिपाही तैनात हैं। दोनों की 31 जनवरी रात्रि में शादी होनी है। अशोक व उसके पिता रामफल समोता ने बिना दहेज के शादी करने का फैसला किया। मंगलवार को जब मंजू के परिजन जूई में लग्न लेकर पहुंचे तो एक रुपया व नारियल लग्न लेकर सभी के सामने एक मिसाल पेश की। इस अवसर पर राजबीर रापडिया, चंचल रापडिया, संदीप, राजकुमार, राजेश भाम्बू सहित सभी ग्रामीणों ने बिना दहेज की शादी करने पर समोता परिवार की सराहना की।
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रिश्ता पीढ़ियों तक साथ निभाने के लिए होता है
जूई के रामफल समोता ने बताया कि मेरे खुद को पांच बेटियां हैं। उनकी शादी दान दहेज के साथ धूमधाम से की थी लेकिन हकीकत में बेटी रूपी लक्ष्मी घर आ रही है। रिश्ते पीढ़ियों तक निभाने को बनते हैं। बेटी घर आ रही है इससे बढ़कर मेरे लिए कोई खुशी की बात नहीं है।
इससे बढ़कर कोई खुशी नहीं
दूल्हे बने अशोक समोता ने बताया कि बेहतर जीवन साथी मिल रहा है। परिवार ने बिना दहेज की शादी करने का सराहनीय कदम उठाया है। इससे बेहद खुशी मेरे लिए नहीं हो सकती।
बेटी के लिए बेहतरीन सोच का परिवार मिला
झांझडा श्योराण के राजेन्द्र सिंह ने कहा कि बेटा बेटी में भेद नहीं होना चाहिए। मेरे बेटी के ससुराल जनों ने बिना दहेज के शादी करने का जो कदम उठाया है इससे समाज को एक नई प्रेरणा मिलेगी। बेटी को बेहतरीन सोच का परिवार मिला आज बेटी का बाप होने पर गर्व है।
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