फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब मछली पालन में बनाएंगे भिवानी को हब : दलाल

विज्ञापन
2 फोटो पत्रकारो से बातचीत करते हुए कृषि मंत्री जेपी दलाल। - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
मछली पालन में रोजगार और आय बढ़ाने की अपार संभावनाएं है। एक सीजन में ही पूरी लागत की वसूली हो जाती है। ऐसे में किसानों खासकर बेरोजगार युवाओं को मछली पालन से जोड़कर उनके रोजगार की व्यवस्था की जाएगी। हमारा प्रयास है कि भिवानी में दो सौ से चार सौ परिवार इस व्यवसाय से जुड़े। इसके लिए यहां सभी आधुनिक सुविधाएं, पीसीआर लैब मुहैया कराई जाएंगी। यह बात कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री जयप्रकाश दलाल ने कही।
विज्ञापन

पत्रकार वार्ता में जेपी दलाल ने बताया कि वे डोहकी से गुजर रहे थे तो उन्हें एक सफल किसान नजर आया, जिसने मछली पालन किया हुआ था। वह इस व्यवसाय ये अच्छी कमाई कर रहा था। इसी के बाद उनके दिमाग में आया कि तोशाम, मुंढाल आदि जिले के क्षेत्रों में काफी ऐसी जमीन है, जहां पानी खारा है और यहां मछली पालन बेहतर व्यवसाय हो सकता है। इसी कारण उन्होंने मछली पालन विभाग के सभी अधिकारियों, सफल किसानों और असफल किसानों को यहां बुलाया है ताकि मछली पालन को बढ़ावा दिया जा सके और इस व्यवसाय में आ रही समस्याओं को दूर किया जा सके। रेतीले भूमि वाले इलाके में झींगा मछली पालन की अपार संभावनाएं हैं। उनको उद्देश्य प्रदेश को मछली पालन में देश में तीसरे नंबर की बजाए पहले नंबर पर लेकर आने का है।
उन्होंने बताया कि जिले में पहले करीब 53 लोग मछली पालन व्यवसाय से जुड़े थे और अब इनमें से 36-37 मछली पालन प्लांट बंद हो चुके हैं। इसके पीछे सीड व अन्य कारण है। अब यहां लैब खोलकर सीड की जांच करवाई जाएगी। उनका प्रयास बेरोजगार युवाओं को स्वयं रोजगार से जोड़ना है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हरियाणा में बने चार-पांच एग्रो मॉल गलत नीयत से बनाए गए थे।
विज्ञापन

अधिकारियों के समक्ष किसानों ने लगाई सवालों की झड़ी : मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि मंत्री ने मछली पालन विभाग के सभी अधिकारियों, सफल किसानों और असफल रहे किसानों को आमने-सामने करवाया। किसानों ने अधिकारियों के सामने सवालों की झड़ी लगाई तो कुछ पर बहस भी हुई। बैठक में किसानों ने बताया मछली पालन में उनके समक्ष समस्या समुचित बिजली न मिलने व व्यवसायी बिजली बिल अदा करने किए जाने की है। बिजली के भारी भरकम बिल आने से उनको नुकसान होता है। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि मछली पालकों को कम से कम दर पर बिजली मुहैया करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और इस समस्या का शीघ्र ही समाधान हो जाएगा। प्रह्लादगढ़ से योगेंद्र कुमार, डोहकी से विनोद पूनिया, मुंढाल से जोगेंद्र सहित अनेक मछली पालन का व्यवसाय करने वालों ने अपनी-अपनी समस्या रखी। उन्होंने मछली का सही सीड नहीं मिलने की समस्या प्रमुखता के साथ रखी। उन्होंने कहा कि सीड की भी सही ढंग से जांच होनी चाहिए, जिससे उत्पादन कम न हो।
झज्जर निवासी एयरफोर्स से सेवानिवृत्त प्रदीप कुमार ने बताया कि उनका गुरुग्राम में फार्म है और वे मछली पालन से अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। इसी प्रकार से फतेहाबाद से एक मछली पालक ने भी अपने फार्म द्वारा एक साल में ही लागत पूरी करने की बात कही। मत्स्य विभाग के एसीएस सुनील गुलाटी, निदेशक प्रेम सिंह मलिक, उप निदेशक बलबीर सिंह ने समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर भिवानी से विधायक एवं पूर्व मंत्री घनश्याम दास सर्राफ, जिला मत्स्य अधिकारी जयप्रकाश वर्मा, पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. जय सिंह, कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. प्रताप सिंह सभ्रवाल, जिला बागवानी अधिकारी डॉ. हीरालाल, नंदराम धानिया, मीना परमार व रविंद्र मंढोली, विजय शेखावत, अनिल झांझड़िया, कमलेश भोड़का, राजीव श्योराण, सोनू शर्मा, दयानंद सिंधड़ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें