भिवानी। भीम स्टेडियम में चल रही सेना भर्ती की शारीरिक परीक्षा का मंगलवार को आज अंतिम दिन है। मंगलवार को भिवानी और चरखी दादरी के तहसील बौंदकला, भिवानी और बहल के अभ्यर्थी भाग लेंगे। इसी तरह सोमवार को भिवानी व महेंद्रगढ़ के अभ्यर्थियों ने भाग लिया।
युवाओं से जब पूछा गया कि सेना की चार साल की नौकरी पूरी करने के बाद क्या करेंगे। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि एक बार सेना में देश सेवा के लिए भर्ती हो जाए। उसके बाद जो सेना में रह कर अच्छा करेगा। उसको सेना में आगे सेवा करने के लिए मौका मिलेगा। चार साल देश सेवा कर फिर सरकार की घोषणा को भी परखेंगे।
इस बात पर युवाओं से पूछा गया कि सरकार की पक्की नौकरी देने के वादे पर वो विश्वास करते हैं। इसका जवाब में युवाओं ने कहा कि सरकार अपनी बात से मुकर भी जाती है तो उन्हें इस चीज का कोई गिला शिकवा नहीं रहेगा। क्योंकि जो सेना में भर्ती होने के लिए आया है। उसके लिए सबसे पहले देश सेवा है। कोई फर्क नहीं पड़ता सरकार नौकरी या पक्की पेंशन देगी या नहीं। फिलहाल वो सेना में भर्ती हो कर देश की सेवा के लिए अपना योगदान देना चाहते हैं।
कुछ युवाओं ने कहा कि आज के समय में रोजगार सबसे जरूरी है। इसलिए रिटायर के बाद सरकार नहीं देगी तो भी कहीं ना कहीं वो नौकरी प्राप्त कर लेंगे।
अव्वल रहने पर सुमित सम्मानित
सोमवार को सेना भर्ती के फिजिकल में अव्वल रहने पर सुमित को ब्रिगेडियर साजेश बाबू पीजी, डीडीजी भर्ती राज्य अंबाला ने युवा को सम्मानित किया। वहीं अन्य युवाओं को इन से प्रेरणा लेने की बात की।
सरकार अगर चार साल बाद नौकरी नहीं भी देती है तो उन्हें कोई गिला शिकवा नहीं है। उन्हें बड़ी खुशी होगी कि उनके द्वारा दिया गया योगदान देश के लिए कुछ काम आया। इसलिए चार साल बाद की सोचने के बजाय मैं सिर्फ सेना में भर्ती हो कर अपना कुछ योगदान देना चाहता हूं।
- गौरव, महेंद्रगढ़।
मेरे लिए सेना में भर्ती होना सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए चार साल के लिए भर्ती करें या फिर एक दिन के लिए। मेरे नाम के साथ अगर फौजी लिखा जाएगा। वो मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। पक्की पेंशन के बारे में सोचेंगे। लेकिन सरकार बोल रही है तो उसको भी एक बार विश्वास कर जरूर परखेंगे।
- अनूप, महेंद्रगढ़
चार साल के बाद नौकरी नहीं होगी। रिटायर के बाद क्या करेंगे। ये सब बहुत बाद की बात है। सेना में चार साल की नौकरी के दौरान जो अच्छा करेगा। उसको आगे भी सर्विस करने का मौका मिलेगा। अगर नहीं मिला तो सरकार वादा कर रही है कि उन्हें नौकरी जरूर देगी। उन्हें सरकार के वादे पर विश्वास है।
- कर्ण, महेंद्रगढ़।