फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिस वकील की तीन माह पहले हो चुकी मौत, सरकार ने उसे पैनल अधिवक्ता के तौर पर किया शामिल

Sat, 31 Jul 2021 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, भिवानी
विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा सरकार की ओर से शुक्रवार को सरकारी विभागों के पैनल में शामिल किए गए भिवानी जिले के अधिवक्ताओं की लिस्ट जारी की गई है। इस लिस्ट में 60 से ज्यादा वकीलों के नाम शामिल हैं। वहीं, सरकार ने एक ऐसे वकील का नाम भी पैनल में शामिल कर लिया है, जिनकी लगभग तीन महीने पहले मौत हो चुकी है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि वकीलों को पैनल पर लिए जाने में केवल भाजपा और जजपा समर्थकों को तरजीह दी गई है।
विज्ञापन


सरकारी विभागों के केस अदालत में देखने के लिए पैनल पर वकीलों को रखा जाता है। इसके लिए विभाग द्वारा वकील को शुल्क भी अदा किया जाता है। शुक्रवार को जारी की गई लिस्ट में जिन वकीलों को शामिल किया गया है, उनमें से ताराचंद अग्रवाल की तीन महीने पहले मौत हो चुकी है। कोरोना संक्रमण के कारण उनकी मौत हुई थी। उनको हरियाणा टूरिज्म, हरियाणा वेयर हाउस कार्पोरेशन, हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड और पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के पैनल पर रखा गया है।

लाभ पदों पर नियुक्त को पैनल पर रखा
दो अधिवक्ता ऐसे हैं जो जुवेलाइन जस्टिस बोर्ड के सदस्य हैं। नियमों के अनुसार लाभ के पदों पर नियुक्त होने के कारण वे पैनल पर आ ही नहीं सकते हैं। इसके बावजूद उन्हें पैनल पर रखा गया है। मुकेश तंवर जस्टिश जुवेनाइल बोर्ड के सदस्य हैं। उनको हैफेड, नगर परिषद भिवानी, हरियाणा पौंड एंड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट, खादी ग्राम उद्योग के पैनल पर रखा गया है। इसके अलावा काजल गुप्ता भी जस्टिस जुवेनाइल बोर्ड की सदस्य हैं। उनको एचएसआईडीसी, हरियाणा टूरिज्म, हरियाणा स्टेट फेडरेशन कॉपरेटिव शुगर मिल के पैनल पर रखा गया है। काजल गुप्ता ताराचंद अग्रवाल की पुत्रवधू हैं।
विज्ञापन


परिवार के एक से ज्यादा वकीलों को पैनल पर रखा
बार में दिनभर यह भी चर्चा रही कि लिस्ट में जो नाम शामिल किए गए हैं, उनमें एक ही परिवार के दो या दो से ज्यादा वकीलों को अलग-अलग विभागों के पैनल पर रख दिया गया है। बार के सदस्य यह भी आरोप लगा रहे थे कि सरकार ने केवल भाजपा और जजपा के समर्थक वकीलों के ही पैनल पर रखा है। पूरी प्रक्रिया में बाकी वकीलों के साथ भेदभाव किया गया है। इमसें जिला भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हैं।

राजनेताओं को भी रखा पैनल पर
शहर के कुछ राजनेता ऐसे भी हैं जिन्होंने वकालत की पढ़ाई तो की है, मगर वो वकालत करते नहीं हैं। वासुदेव शर्मा प्रदेश के मंत्री रह चुके हैं। उन्हें भी हरियाणा सरकार ने एचएसआईआईडीसी, हरियाणा टूरिज्म, चाइल्ड वेलफेयर और हैफेड के पैनल पर रख लिया है।

भाजपा और जजपा समर्थकों को तरजीह
अधिवक्ताओं को पैनल पर रखने में बहुत ज्यादा भेदभाव किया गया है। जिस अधिवक्ता की तीन महीने पहले मौत हो चुकी है, उसको भी पैनल पर रख दिया है। भाजपा और जजपा के समर्थकों को तरजीह दी गई है। इसके विरोध में प्रदेश सकार को पत्र लिखकर विरोध जताया जाएगा।
विज्ञापन

- सत्यजीत पिलानिया, प्रधान, बार एसोसिएशन, भिवानी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें