भिवानी। लॉकडाउन के दौरान जरूरी खाद्य वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने और निर्धारित रेट से अधिक मूल्य पर किराना सामान की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए गठित की गई टीम ने सोमवार को शहर के विभिन्न बाजारों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला खाद्य एवं आपूर्ति और मापतौल विभाग के अधिकारियों के सामने कई ऐसे मामले आए, जिसमें दुकानों के अंदर अनियमितताएं मिलीं। इस पर टीम ने उनके चालान भी कटे और करीब चार दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस भी दिया, जिसका जवाब अगले सोमवार तक दाखिल करना होगा।
जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के दौरान लगे लॉकडाउन में कई जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए टीम का गठन किया हुआ है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अनिल कालरा के निर्देश पर भिवानी पीआर सेंटर के एएफएसओ नरेंद्र कुमार, खाद्य निरीक्षक नवीन कुमार, मापतौल विभाग के निरीक्षक नवनीत ढूल ने शहर के विभिन्न बाजारों में किराना दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दिनोद गेट, देवसर चुंगी, कृष्णा कॉलोनी, सराय चौपटा, किरोड़ीमल मंदिर क्षेत्र में लॉकडाउन के दौरान खुली किराना की दुकानों पर अधिकारी पहुंचे। निरीक्षण के दौरान चार किराना दुकानों पर वहां रखे तुलाई कांटे का रिकॉर्ड मांगा तो नहीं मिला। इस दौरान टीम अधिकारियों ने दुकानदारों को एक सप्ताह का सोकाज नोटिस थमाते हुए अगले सोमवार तक कार्यालय में तुलाई कांटों से जुड़े रिकॉर्ड सहित तलब किया। इसी तरह दो दुकानों पर पैकेट बंद बोतल में बिक्री किए जा रहे सरसों तेल पर भी एमआरपी नहीं दर्शाया हुआ था। जिस पर उन दुकानदारों से तेल संबंधी रिकॉर्ड की जांच की और अनियमितता मिलने पर चालान किया।
ये हैं तुलाई कांटा पास नहीं कराने पर जुर्माने का प्रावधान
मापतौल विभाग से हर साल दुकानदारों को तुलाई का कांटा पास कराना पड़ता है। इसके लिए महज मामूली फीस भी निर्धारित की हुई है। अगर निरीक्षण के दौरान किसी दुकान पर कांटा पास संबंधी रिकार्ड नहीं मिलता तो दो हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान हैं। इसी तरह किसी फर्म के कांटे का रिकार्ड नहीं मिलने पर पांच हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। हर साल तुलाई कांटे की मापतौल विभाग से पासिंग करानी अनिवार्य है।
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निरीक्षण के दौरान पैकिंग में बिक रहे खाद्य तेल पर एमआरपी नहीं दर्शाया गया था, जिससे संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की गई है। चार दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस दिया है। इन दुकानों पर तुलाई कांटों की पासिंग संबंधी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। अगर सोमवार तक रिकार्ड प्रस्तुत नहीं हुआ तो इन पर दो हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना ठोका जाएगा।
- नवनीत ढूल, निरीक्षक जिला मापतौल विभाग।
जिला प्रशासन और डीएफसीसी के निर्देश पर लॉकडाउन के दौरान किराना दुकानों पर निर्धारित मूल्य पर जरूरी सामान की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान जिन दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं, उन पर खाद्य वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
- नरेंद्र कुमार एएफएसओ पीआर सेंटर भिवानी।