भिवानी। भिवानी एसडीएम कार्यालय में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में पब्लिक डीलींग बंद होने के बावजूद भी चालक लाइसेंस बनाने का काम बेरोकटोक चलता रहा। इसका खुलासा आरटीआई में मांगी गई जानकारी में हुआ है। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने भिवानी एसडीएम कार्यालय से जनसूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत चालक लाइसेंस बनाने संबंधी विभिन्न पहलुओं पर जानकारी मांगी थी। बृजपाल सिंह परमार ने आरोप लगाया कि एसडीएम कार्यालय ने कोरोना संक्रमण के दौरान भी सैकड़ों लोगों के बिना ड्राइविंग टेस्ट के ही ड्राइविंग लाइसेंस बना डाले। उस दौरान ड्राइविंग स्कूल और ई दिशा केंद्र भी बंद थे। उन्होंने लाइसेंस बनाने की व्यवस्था में गड़बड़ी की आशंका जताई है।
बृजपाल सिंह परमार ने भिवानी एसडीएम कार्यालय से 18 जून 2021 को जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत पांच बिंदुओं से जुड़ी जानकारी मांगी थी। उन्होंने जनवरी से मई तक चालक लाइसेंस बनाने और इस दौरान उनका ड्राइविंग टेस्ट लिए जाने के दौरान वीडियोग्राफी की भी जानकारी मांगी थी। इस पर भिवानी एसडीएम कार्यालय ने आरटीआई के कुछ बिंदुओं का जवाब दिया। जिसमें पता चला कि मई में कोरोना से सबसे अधिक जान गई थीं, उसी दौरान एसडीएम कार्यालय ने 77 लोगों के चालक लाइसेंस जारी कर दिए, जबकि लॉकडाउन में किसी को भी सरकारी कार्यालय में आने की अनुमति तक नहीं थी। ई-दिशा केंद्र व ड्राइविंग स्कूल भी बंद पड़े थे।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया
एसडीएम कार्यालय से अगर कोई भी वयस्क नागरिक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाता है तो उसके लिए उसे सबसे अहम ड्राइविंग स्कूल में वाहन चलाने का सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य है। इसके बाद चालक लाइसेंस की निर्धारित फीस जमा कराकर दस्तावेज जमा कराने होते हैं। जिसके बाद एसडीएम कार्यालय में तैनात ड्राइविंग लाइसेंस क्लर्क की मौजूदगी में भी लाइसेंस बनवाने वाले का उसी वाहन के साथ फिजिकल ड्राइविंग टेस्ट लिया जाता है, जिसका वह लाइसेंस बनवा रहा है। इसकी वीडियोग्राफी कराना भी अनिवार्य है। इसके बाद ई दिशा केंद्र में व्यक्तिगत तौर पर पहुंचकर सभी दस्तावेज ऑनलाइन कराए जाते हैं और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले का कंप्यूटर में फोटो भी खिंचता है। जिसके बाद उसे ऑनलाइन कंप्यूटर टेस्ट भी देना पड़ता है।
वर्जन:::
अप्रैल के अंत में लॉकडाउन लगा था, लेकिन एसडीएम कार्यालय लगातार खुला रहा है। पब्लिक डीलिंग बंद जरूर हुई थी, लेकिन कार्यालय में कर्मचारी लगातार पेंडिंग कार्यों को निपटाते रहे। इस दौरान कोई भी नया आवेदन नहीं लिया गया था। चालक लाइसेंस बनाने का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ है।
- संदीप अग्रवाल, एसडीएम भिवानी।