रोडवेज बस की टक्कर में गंभीर रूप से घायल आठ वर्षीय बच्ची को रोहतक पीजीआई के आईसीयू में जगह नहीं मिली। जिसके बाद बच्ची को परिजनों ने रोहतक के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। वहीं मृतक किसान और बच्ची की माता के शवों का पोस्टमार्टम हुआ। गमगीन माहौल में दोनों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने रोडवेज चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार शाम को कैरू के पास रोडवेज बस की टक्कर से बाइक सवार पपोसा वासी 55 वर्षीय अजीत और उसकी पुत्रवधू 22 वर्षीय कविता की मौत हो गई थी जबकि कविता की आठ महीने की बेटी निकिता घायल हो गई थी। जिसे पीजीआई रोहतक ले जाया गया। वहीं दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल के शव गृह लाया गया। मंगलवार सुबह दोनों शवों का पोस्टमार्टम हुआ और पपोसा गांव में गमगीन माहौल में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में हर कोई रोडवेज बस चालक को इस हादसे के लिए कोस रहा था।
पिता से मिलने आई थी, आखिरी मुलाकात बन गई
परिजनों ने बताया कि कविता के पिता राजपाल फिसल कर गिर गया था। कविता पांच-छह दिन पहले अपनी बेटी निकिता के साथ पिता राजपाल से मिलने आई थी। उसके मायके आने से पूरा परिवार खुश था। सोमवार शाम को परिवार वालों ने कविता और उसके ससुर अजित को हंसी-खुशी घर से विदा किया मगर किसी को नहीं पता था कि ये मुलाकात उनकी आखिरी मुलाकात है।
सूचना मिलते ही दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां मृतका कविता के भाई सुंदर के बयान पर रोडवेज बस के अज्ञात चालक के खिलाफ लापरवाही से बस चलाकर हादसा करने का केस दर्ज किया है। बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए हैं।
- एचसी सत्यवान, जांच अधिकारी, कैरू पुलिस चौकी
मृतक कविता -फाइल फोटो- फोटो : Bhiwani