भिवानी। हनुमान गेट की कोयला भट्ठी क्षेत्र में सुबह 10 बजे घर के बाहर बैठे व्यक्ति को लावारिस गाय ने टक्कर मार दी। व्यक्ति ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का बुधवार दोपहर बाद जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद इस संबंध में परिजनों के बयान दर्ज कर इत्तफाकिया मौत मामले की कार्रवाई की।
हनुमान गेट कोयला भट्ठी क्षेत्र निवासी 42 वर्षीय राजेश की घर के अंदर ही अपनी किराना सामान की दुकान है। बुधवार सुबह वह अपने घर बाहर बैठा हुआ था कि इसी दौरान एक लावारिस गाय ने उसे टक्कर मार दी। इसके बाद वह बेसुध होकर गिर पड़ा। परिजन उसे लेकर जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस के जांच अधिकारी पीएसआई अजय कुमार ने शव का जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। मृतक के भाई असलम ने बताया कि राजेश तीन बच्चों का पिता था। उसकी दो लड़की व एक लड़का है। पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर इस संबंध में इत्तफाकिया मौत मामले की कार्रवाई की है।
शहर की सड़कों पर घूम रहे हैं पांच हजार से अधिक लावारिस गोवंश
शहर व आसपास के इलाके में करीब पांच हजार से अधिक गोवंश लावारिस घूम रहा है। उमस और गर्मी के दौरान रात के समय ये लावारिस गोवंश मुख्य रास्तों और सड़कों पर आ जाते हैं। इसकी वजह से हादसों की वजह बन रहे हैं। शहर की रिहायशी कॉलोनियों में भी लावारिस गोवंश की भरमार है। इसकी वजह पहले भी बच्चे और बुजुर्ग घायल हो चुके हैं। जबकि नगर परिषद और जिला प्रशासन लावारिस गोवंश को पकड़कर गोशाला व नंदीशाला में भेजने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
नगर परिषद अब तक शहर से करीब साढ़े तीन हजार लावारिस पशु पकड़कर उन्हें गोशालाओं व नंदीशाला में भेज चुकी है। लेकिन किसी कारणवश गोशालाओं ने नए लावारिस पशु लेने से मना कर दिया है। इसकी वजह से ये स्थिति बनी है। नगर परिषद का लावारिस पशुओं को पकड़ने का अभियान निरंतर जारी है। हमारा प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द शहर से लावारिस पशुओं को पकड़कर उन्हें गोशाला व नंदीशाला भिजवाया जाएगा। -भवानी प्रताप सिंह चेयरपर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद भिवानी।
लावारिस पशुओं की वजह से लोगों की जान भी जोखिम में बनी है। शहर के मुख्य बाजार, रास्तों और कॉलोनियों के अंदर लावारिस पशु लोगों को चोटिल कर रहे हैं, कई बार तो इतनी गंभीर चोटें भी पहुंच जाती हैं, जिसकी वजह से लोग बिस्तर तक पकड़ लेते हैं। ज्यादातर खतरा बच्चों और बुजुर्गों को बना है। इसके लिए जिला प्रशासन को तत्परता से समाधान कराना चाहिए। - राधे सैनी, हनुमान ढाणी क्षेत्र।
लावारिस सांड शहर के मुख्य बाजारों में रोजाना ही आपस में झगड़ते हैं, जिसकी वजह से व्यापारियों और दुकानदारों को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है। प्रशासन से भी कई बार मांग की जा चुकी है। नगर परिषद की जिम्मेदारी है कि वह शहर को बंदर और लावारिस पशुओं से मुक्त कराए, मगर संबंधित विभाग और प्रशासन के बीच कोई तालमेल नहीं है। जिसका खामियाजा शहरवासी भुगत रहे हैं। - विनोद प्रजापति, पार्षद।