भिवानी। गांव धनाना में तार से गला घोंटकर बेटे-बेटी की हत्या करने वाला सुभाष अपने माता-पिता पर भी जुल्म ढहाता था। उसके खौफ के कारण बूढ़े मां-बाप एक माह से अपनी बेटी के घर रह रहे थे।
सुभाष के इस कदम से बूढ़ी आंखों के सामने हंसता-खेलता परिवार बिखर गया। सोमवार को आरोपी सुभाष को पुलिस ने जेल भेज दिया। अब घर पर सुभाष के बूढ़े पिता आजाद सिंह और मां मेवा देवी रह गए हैं। आजाद सिंह ने बताया कि सुभाष की पत्नी की मौत से पहले ही बेटे की प्रताड़ना से तंग आकर वे दोनों अपनी बेटी के पास जुलाना चले गए और वहीं रह रहे थे। पोता-पोती की मौत की खबर सुनकर गांव आए हैं। सुभाष की पत्नी की मौत में उनका कोई हाथ नहीं है। बेटे के आरोप बेबुनियाद हैं।
आजाद ने बताया कि उनका बेटा शादी के बाद पिछले 20 सालों से ही घर में कलह करता था। वह खेतीबाड़ी करता था। उसका बेटा भी खेत के काम में हाथ बंटा देता था। बेटा अपनी मां के साथ झगड़ा करता था। जब बेटे की प्रताड़ना से दोनों तंग आ गए तो बेटी के पास जुलाना चले गए। उन्हें क्या पता था इसके बाद कभी पोता-पोती का मुंह तक नहीं देख सकेंगे।
जांच अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव धनाना में बेटा और बेटी की हत्या के मामले में आरोपी पिता सुभाष को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जिला कारागार भेजा दिया। संवाद